प्रशिक्षण के बाद 10 हजार भारतीय श्रमिकों को इजरायल में काम करने का मौका, इतना होगा वेतन, दो देशों के बीच नया अध्याय शुरू
अमृत विचार लखनऊ: मुख्यमंत्री मिशन रोजगार योजना के तहत इजराइल में भारतीय श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित स्किल टेस्ट शुरू हो चुका है। पहले दिन कार्यक्रम की शुरूआत श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मुख्य अतिथि के रूप में और व्यावसायिक शिक्षा औ कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में किया। राजकीय आईटीआई, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रम मंत्री ने कहा कि देश के निर्माण और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री श्रमिकों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उनकी प्रेरणा से श्रमिकों की स्थिति बेहतर बनाने के लिए निरन्तर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय श्रमिकों को इजराइल में सेवायोजित किये जाने से भारत और इजराइल के सम्बन्धों का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। इससे दोनों देशों के सम्बन्ध और गहरे होंगे।
श्रम मंत्री ने कहा कि इजराइल को नवनिर्माण कार्य के लिए कुशल श्रमिकों की आवश्यकता है। यह भारतीय श्रमिकों के लिए बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने सभी श्रमिकों से अपील की कि जिनका भी चयन हो जायेगा, वे पूरे मनोबल के साथ इजराइल जाकर मेहनत और लगन से कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की स्थिति को सुधारने और अधिक बेहतर बनाने के जितने विकल्प हो सकते हैं, उन सभी पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूरोप के देशों में भारतीय श्रमिकों की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के आने-जाने में कोई समस्या न हो, उनकी सभी जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कम ब्याज पर ऋण भी उपलब्ध कराया जायेगा।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले दिन ही निर्माण श्रमिकों को इजरायल देश मे रोजगार देने का कार्यक्रम किया जा रहा है। इजराइल सरकार एवं भारत सरकार के मध्य हुई अनुबन्ध के अन्तर्गत शटरिंग कारपेन्टर, आयरन वेन्डिंग, सेरेमिक टाईल/प्लास्टरिंग के क्षेत्र में 10 हजार प्रशिक्षित श्रमिकों को इजराइल भेजने की तैयारी की जा रही है।
इतना मिलेगा वेतन
बता दें कि इजराइल में श्रमिको को लगभग 1,37,250 रुपये प्रतिमाह वेतन दिए जाएंगे। आईटीआई अलीगंज लखनऊ को टेस्टिंग कराने हेतु नोडल नामित किया गया है। उन्होंने इजरायल जाने वाले निर्माण श्रमिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश के श्रमिकों के लिए ये सुनहरा अवसर है, इसमें पूरी तरह से समर्पित होकर कार्य करे, जिससे वहां के अनुभव और डिग्री से आपके काम की महत्वत्ता और बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि अच्छा और अनुभवी काम करने वाले लोगों को ही अपने यहाँ काम करने के लिए रखते है, इसलिए हमेशा ईमानदारी से कार्य करे। उन्होंने कहा कि अपने काम मे निरन्तर सुधार और निखार लाते रहे और जिंदगी में कुछ न कुछ नया सीखने पर जोर दें।
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