बहराइच: वन विभाग की गिरफ्तारी को ग्रामीणों ने बताया फर्जी, डीएम और डीएफओ कार्यालय में किया प्रदर्शन
बहराइच, अमृत विचार। जिले के ग्राम पंचायत लालबोझा गांव के सैकड़ों ग्रामीण बुधवार को 100 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंच गए। सभी ने वन विभाग पर तेंदुए की हत्या में बाघ मित्र कहने पर फर्जी लोगों की गिरफ्तारी का आरोप लगाया। सभी ने डीएम और डीएफओ कार्यालय में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
मुर्तिहा वन रेंज के चमारनपुरवा गांव में 20 जनवरी को एक तेंदुए का शव मिला था। तेंदुए के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट की बात सामने आई थी। जिस पर वन विभाग ने तीन लोगों को तेंदुआ मारने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जिसके विरोध में बुधवार को गांव निवासी ग्रामीणों ने डीएम ऑफिस पहुंच कर जिलाधिकारी मोनिका रानी को शिकायती पत्र सौंपा।
उनका कहना है कि 20 दिसंबर को लालबोझा csx हुए तेंदुए की मौत के मामले में वन विभाग द्वारा 23 दिसंबर को चमारनपुरवा गांव निवासी बुधई, बालक राम, जितेंद्र, नमक तीन निर्दोष लोगों गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त जितेंद्र की आठ माह की गर्भवती पत्नी केतकी की वन विभाग द्वारा पिटाई भी की गई है। जिससे केतकी के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं।

उन्होंने जिलाधिकारी मोनिका रानी को शिकायती पत्र सौंपते हुए मामले में न्याय की गुहार लगाई है, अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर कर किस तरह की कार्रवाई करता है। हालांकि तेंदुओं की हो रही मौत और वन विभाग पर लग रहे फर्जी कार्रवाई करने के आरोपों से कहीं ना कहीं वन विभाग सवालों के कटघरे में खड़ा है। सभी ने डीएम ऑफिस और डीएफओ कार्यालय में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
बघमित्र के कहने पर हुई गिरफ्तारी
गांव निवासी अभियुक्त जितेंद्र की पत्नी ने बताया कि वन विभाग ने सही लोगों को गिरफ्तार नहीं किया है। बाघ मित्र के कहने पर फर्जी लोगों को रेंजर ने गिरफ्तार किया है। गांव निवासी दसाई और किशोरा देवी ने रेंजर पर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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