बरेली: शहर में 2366 में से एक हजार ट्रांसफार्मर असुरक्षित, नहीं फेसिंग
सार्वजनिक स्थानों रखे हैं अधिकांश ट्रांसफार्मर, विद्युत सुरक्षा निदेशालय के आदेश की भी अनदेखी
बरेली, अमृत विचार। बिजली विभाग ने शहर में सार्वजनिक स्थानों पर ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं किए हैं। इस वजह से हादसे हो रहे हैं। 2366 से एक हजार से अधिक ट्रांसफार्मर असुरक्षित तरीके रखे हैं, उनके चारों ओर फेसिंग भी नहीं लगी है।
सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर के नीचे कहीं कपड़े सुखाए जा रहे हैं तो कहीं कारोबार हो रहा है। इतना ही नहीं 10 मीटर चौड़ी सड़क पर ही ट्रांसफार्मर रख दिया गया है।
इससे आने जाने में लोगों को दिक्कत हो रही है। यह हाल तब है जब खुले में रखे ट्रांसफार्मर में उतरे करंट से छह माह पहले एक बच्ची की मौत हो गई थी। सुरक्षित आपूर्ति करने के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अफसरों की सलाह पर भी पावर कार्पोरेशन ध्यान नहीं दे रहा है।
विदुयत सुरक्षा निदेशालय की तरफ से कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर ट्रांसफार्मर की फेसिंग कराने को कहा जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी विभाग की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही है। कई हादसे हो जाने के बाद भी अफसरों की नहीं नहीं टूट रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शहरी क्षेत्र में सड़क किनारे एक हजार से अधिक ट्रांसफार्मर अभी खुले में रखे हैं। कुछ जगह खुले ट्रांसफार्मर की नीचे लोग दुकान चला रहे हैं। रामपुर रोड, इस्लामिया रोड और बरेली कॉलेज गेट के बाहर भी खुले में रखे ट्रांसफार्मर हादसों को दावत दे रहे हैं। उनकी फेसिंग नहीं कराई जा रही है।
करंट की चपेट में आने से छात्रा की जा चुकी है जान
किला क्षेत्र में सात जुलाई को लक्ष्मी नाम की छात्रा बारिश के दौरान खुले में रखे ट्रांसफार्मर के जाल में उतरे करंट की चपेट में आ गई थी। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। अधिकारी मुआवजे के तौर पर छात्रा के परिजनों को पांच लाख रुपये का चेक देने पहुंचे थे, लेकिन छात्रा के परिजनों ने मुआवजे के पैसे से शहर में खुले में रखे ट्रांसफार्मर को कवर कराने की बात कहकर लेने से इन्कार कर दिया था। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने जल्द ट्रांसफार्मरों की फेसिंग कराने की बात कहकर उन्हें मुआवजे के पैसे दे दिए थे।
जुलूस और शोभायात्रा के समय की जाती है खानापूरी
शहर में जब जुलूस या शोभायात्रा का आयोजन होता है, तब सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मर की फेसिंग के नाम पर खानापूरी कर दी जाती है। कांवड़ यात्रा के दौरान भी ऐसा ही किया गया था। फिलहाल, स्थाई रूप से जरूरी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विदुयत सुरक्षा निदेशालय ने कई बार लिखा पत्र, अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब
विदयुत सुरक्षा अधिकारी एके चौधरी ने बताया कि शहर में खुले में रखे ट्रांसफार्मर और जर्जर लाइन ठीक कराने के लिए कई बार बिजली अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अधिकारियों ने आज तक कोई जवाब नहीं दिया है। इस संबंध में पिछले साल अक्टूबर में तीन बार पत्र लिखा गया था। वहीं, मीरगंज क्षेत्र में दो हादसे होने के बाद 15 जनवरी को अधिकारियों को पत्र लिखा गया था।
आरडीएसएस और बिजनेस प्लान के तहत असुरक्षित ट्रांसफार्मर को कवर कराने के लिए काम चल रहा है। जल्द ही सभी ट्रांसफार्मर को कवर करा दिया जाएगा, ताकि किसी तरह का कोई हादसा न हो-अंबा प्रसाद, अधीक्षण अभियंता।
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