उप्र में संचारी रोग नियंत्रण अभियान से रोगों पर हुआ प्रभावी नियंत्रण: योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ के तृतीय चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि इन अभियानों से राज्य में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। योगी ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ के तृतीय चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विशेष …

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ के तृतीय चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि इन अभियानों से राज्य में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। योगी ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ के तृतीय चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान से सम्बन्धित जागरूकता वीडियो का लोकार्पण भी किया।

यह अभियान 1 से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। इससे पूर्व, मार्च एवं माह जुलाई, में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के क्रमशः प्रथम व द्वितीय चरण संचालित किए गए थे। उन्होंने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के समन्वय, डब्ल्यूएचओ, यूनीसेफ जैसी संस्थाओं के सहयोग एवं जनसहभागिता के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा विगत 3 वर्षों से संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए अभियान संचालित किया जा रहा है। इन अभियानों से प्रदेश में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। इस दिशा में राज्य की सफलता देश व दुनिया के लिए एक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 38 जिलो में प्रतिवर्ष संचारी रोगों से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते थे। पूर्वी उत्तर प्रदेश 40-45 वर्षों से दिमागी बुखार से प्रभावित होता रहा। गोरखपुर सहित आसपास के जिलो में वर्ष 1977 से वर्ष 2017 तक प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में लोग दिमागी बुखार से प्रभावित होते थे। वर्ष 2017 में वर्तमान सरकार ने दिमागी बुखार के मरीजों के उपचार के साथ-साथ संक्रमण से बचाव की दिशा में प्रयास शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाकर ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, कृषि, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नगर विकास आदि विभागों के अन्तर्विभागीय समन्वय से स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता तथा बीमारी के प्रति जन जागरूकता के कार्यक्रम प्रारम्भ किये गये। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावी सर्विलान्स की व्यवस्था भी प्रारंभ की गई।

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