महोबा: शिक्षिका के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को आजीवन कारावास, 50 हजार रुपये का जुर्माना
महोबा, अमृत विचार। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय लखविन्दर सिंह ने एक शिक्षिका के साथ किए गए दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध हो जाने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने अभियुक्त को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कस्बा कुलपहाड़ एक प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात एक शिक्षिका की 20 मार्च 2013 को बीआरसी जैतपुर में मीटिंग थी। मीटिंग में शिक्षिका शामिल होकर वापस कुलपहाड़ आने के लिए मार्ग पर खड़े होकर वाहन का इंतजार कर रही थी, तभी कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला टौरियापुरा निवासी अखिलेश चौबे पुत्र सुरेश चौबे निकला, जो कि शिक्षिका के पास में ही रहता था। उसने चार पहिया वाहन रोककर कुलपहाड़ चलने के लिए शिक्षिका से कहा।
पड़ोसी होने के कारण वह उसकी गाड़ी में बैठ गई। रास्ते में उसने पानी पिया और शिक्षिका को पानी पिलाया। पानी पीते ही शिक्षिका बेहोश हो गई। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि जब होश में आयी तो उसके कपड़े अलग पड़े थे और पशुवाड़े में आपत्तिजनक स्थिति में थी। शिक्षिका के बेहोशी के समय अखिलेश चौबे ने उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया था, इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह उसका आर्थिक और शारीरिक शोषण करता रहा।
जिससे शिक्षिका लाज लज्जा के डर से सबकुछ सहन करती रही, बाद में उसकी पैसे की मांग और बढ़ गई, जिससे परेशान होकर उसने अपने साथ घटी घटना की जानकारी 4 अक्टूबर 2016 को अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिजनों ने शिक्षिका को ले जाकर पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकार दी। एसपी के निर्देश पर 4 अक्टूबर 2016 को कोतवाली कुलपहाड़ में अखिलेश चौबे के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
विद्वान न्यायाधीश ने गुरुवार को दोनो पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अखिलेश चौबे को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावार की सजा सुनाई साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को चार माह की अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया। सरकार पक्ष की ओर इस मुकदमे की पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल और एक अन्य अधिवक्ता दुर्गा लोधी ने की। अभियुक्त को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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