बाराबंकी: ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में हुआ घोटाला

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टिकैतनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। विकासखंड पूरेडलई की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में जमकर घोटाला हुआ है। बिना काम हुए ही भुगतान कर दिया गया, तो वहीं बिना खेत समतलीकरण के ही भुगतान निकाल लिया गया है। जांच के दौरान शिकायत कर रहे ग्रामीणों को ग्राम प्रधान के गुर्गे धमकाने लगे जिस पर डीडीओ ने नाराजगी …

टिकैतनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। विकासखंड पूरेडलई की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में जमकर घोटाला हुआ है। बिना काम हुए ही भुगतान कर दिया गया, तो वहीं बिना खेत समतलीकरण के ही भुगतान निकाल लिया गया है। जांच के दौरान शिकायत कर रहे ग्रामीणों को ग्राम प्रधान के गुर्गे धमकाने लगे जिस पर डीडीओ ने नाराजगी जताई और लोगों को अपनी बात रखने के लिए बोला। विवाद बढ़ता देख बिना जांच किए ही वह वापस लौट गए। जांच में खुलासा होने पर डीडियो ने वीडीओ व जेई को निलंबित करने को कहा है।

मामला विकासखंड पूरेडलई की ग्राम पंचायत कोठी गोरिया का है। जहां पर मनरेगा योजना से कई तरह के काम होते दिखाए दिए। इसमें लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन मौके पर हकीकत से इससे विपरीत है। यहां पर ज्यादातर काम केवल कागजों पर ही होकर भुगतान करा लिया गया है। इसका खुलासा गुरुवार को तब हुआ जब डीडीओ गांव मनरेगा के कार्यों की जांच करने पहुंचे। ग्राम प्रधान ने अपने लोगों को पहले से एकत्र कर रखा था क्योंकि अधिकारी को सब ठीक दिखाना था लेकिन जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सभी कार्यों की जैसे ही जांच शुरू हुई तो ग्रामीणों और प्रधान पति के लोगों में नोकझोंक शुरू हो गई।

डीडीओ ने जैसे ही पहली फाइल खेत समतलीकरण की उठाई और ग्रामीणों से पूछना शुरू किया तो मौके पर खड़े किसान रामशरण पुत्र माता प्रसाद ने अपने खेत के समतलीकरण की बात से मना कर दिया उसने बताया कि उसके खेत का समतलीकरण हुआ ही नहीं है जिस पर डीडीओ में ग्राम विकास अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए फाइल में लगे फोटो और दस्तखत से पहचान करवाने को कहा लेकिन फाइल पर किसी दूसरे खेत में दूसरे किसान की फोटो लगाकर दो बार भुगतान की बात सामने आई। जिससे मौके पर ही डीडीओ ने किसान का बयान दर्ज करवाया।

गांव में अन्य समतलीकरण किए गए खेतों के बारे में जानकारी मांगने पर ग्रामीणों ने डीडीओ को बताया की ग्राम पंचायत में कोई भी काम नहीं कराया जाता है। सभी काम कागजों पर ही कराकर भुगतान निकाल लिया जाता है। नाराज होकर डीडीओ ने ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व जेई को कड़ी फटकार लगाई। ग्रामीण गांव में हुए भ्रष्टाचार के बारे में डीडीओ को बता रहे थे इतने में ग्राम प्रधान के गुर्गे और ग्रामीणों में तीखी नोकझोंक होने लगी जिसको देखकर डीडियो बिना जांच किए ही निकल गए। मनरेगा में हुए भ्रष्टाचार पर नाराज डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी अनुज कुमार जेई लालमणि यादव को निलंबित कर दिया है। उन्होंने गांव में भारी खामियों को देखते हुए गांव में हुए विकास कार्यों की पूरी सूची अपने पास ले ली और पुनः जांच कराने की बात कही है।

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