बरेली: अंब्रेला विधि से किया गया इंप्लांट सालों साल रहता है बरकरार- डॉ. अल्बर्टो मिसेली
फोटो- इंडियन डेंटल एसोसिएशन बरेली ने किया गोष्ठी का आयोजन।
बरेली, अमृत विचार: जबड़े की हड्डी में डेंटल इंप्लांट के समय हड्डी की लंबाई, ऊंचाई नापना बहुत आवश्यक होता है। इंप्लांट का एंगल, मसूड़ों की सेहत और हड्डी का घनत्व जितना अच्छा होगा, इंप्लांट उतना ही सफल रहेगा। अंब्रेला विधि से किया इंप्लांट अन्य की तुलना में लंबे समय तक बरकरार रहता है। ये जानकारी गुरुवार को इंडियन डेंटल एसोसिएशन की ओर से रामपुर गार्डन स्थित एक डेंटल क्लीनिक पर आयोजित गोष्ठी में वेनेजुएला से आए डॉ. अल्बर्टो मिसेली ने साझा की।
प्रयागराज के डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि इंप्लांट करते समय हड्डी की मोटाई कम है तो बोन ग्राफ्ट डालकर उसे बढ़ाया जाता है। दरअसल जितनी मोटी हड्डी में इंप्लांट डाला जाता है उसकी पकड़ उतनी ही अच्छी रहती है। आईडीए अध्यक्ष डॉ. दिनेश राय, सचिव डॉ. अनूप आर्य, कोषाध्यक्ष डॉ. राघव चौधरी, डॉ. रुचिर कुमार, डॉ. रुचि , डॉ. प्रियांशी, डॉ. पुनीत, डॉ. राहुल, डॉ. लवी, डॉ. अंकुर, डॉ. सविता, डॉ. इला, डॉ. केएल गुप्ता, डॉ. हिमांशु शर्मा मौजूद रहे।
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