गोंडा: हत्यारोपी दूर, मोबाइल तक नहीं कर सकी बरामद, चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
गोंडा, अमृत विचार। नारायणा हॉस्पिटल के कर्मचारी अंकित तिवारी हत्याकांड में राजकीय रेलवे पुलिस वारदात के चार दिन बाद भी खाली हाथ है। हत्यारोपी डॉक्टर व उसके गुर्गों की गिरफ्तारी दूर, पुलिस अब तक मृतक अंकित का मोबाइल फोन तक नहीं बरामद कर सकी है। वहीं सोमवार को कई सामाजिक संगठनों ने डीएम एसपी से मुलाकात की और आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार करने समेत उसके हॉस्पिटल को सील किए जाने की मांग की है।
मोतीगंज थाना क्षेत्र के अचलपुर गांव को रहने वाले अंकित (23) की बीते बृहस्पतिवार को बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी और उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। अंकित नगर कोतवाली क्षेत्र के सर्कुलर रोड स्थित नारायणा हॉस्पिटल में काम करता था। वारदात वाले दिन हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बाद ही उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला था।
मृतक अंकित के परिजनों ने डॉक्टर दीपक सिंह और उसके गुर्गों पर हत्या का आरोप लगाते हुए जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है। जीआरपी मामले की जांच कर रही है लेकिन वारदात के चार दिन बाद भी हत्यारोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं। हालांकि पुलिस इस मामले में तीन लोगों को उठाकर पूछताछ कर चुकी है लेकिन उनसे कोई अहम सुराग पुलिस को हाथ नहीं लगा है। डॉक्टर दीपक व उसके साथी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस मृतक अंकित का मोबाइल फोन तक महीं बरामद कर सकी है।
परिजनों का कहना है कि घटना के कुछ घंटे पहले मृतक अंकित ने अपने पिता से बात की थी। उसने डॉक्टर करतूत की जानकारी अपने पिता को दी थी। लेकिन इसके बाद से ही उसका मोबाइल फोन नहीं उठा। पिता अनिल तिवारी का कहना है कि उन्होने कई बार फोन लगाया लेकिन मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके कुछ ही घंटे बाद अंकित का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। मृतक के चचेरे भाई रमेश का कहना है कि पुलिस अगर मोबाइल फोन बरामद कर लेती तो इस पूरे घटनाक्रम में शामिल आरोपियों की करतूत उजागर हो जाती लेकिन न तो आरोपी गिरफ्तार किए जा सके हैं और न ही पुलिस मोबाइल फोन बरामद कर सकी है।
एसपी जीआरपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
अमृत विचार: अंकित तिवारी की हत्या के तीसरे दिन रविवार की देर रात जीआरपी गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक डा अवधेश सिंह रविवार की देर शाम करीब 9.30 बजे गोंडा पहुंचे। उन्होने जीआरपी को प्रभारी निरीक्षक से घटना की जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया। एसपी मृतक के परिवार वालों से भी मिले और घटनाक्रम की जानकारी ली, लेकिन पुलिस अब तक खाली हाथ है।
घटनास्थल की जांच की गयी लेकिन जहां वारदात हुई है वह जीआरपी के क्षेत्र में नहीं है। मुकदमें को जिले की पुलिस को ट्रांसफर किया जायेगा। इसके लिए जीआरपी मुख्यालय गोरखपुर को रिपोर्ट भेजी जा रही है..,डा. अवधेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, जीआरपी-गोरखपुर।
