बरेली: जमीन के लालच ने दुर्वेश को बना दिया माता-पिता का हत्यारा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। दुर्वेश के पिता लालता प्रसाद के पास 90 बीघा जमीन थे। वारदात से कुछ समय पहले उन्होंने उसका बंटवारा कर 30-30 बीघा जमीन दोनों बेटों को दे दी थी और 30 बीघा जीवनयापन के लिए अपने पास रख ली। इस जमीन पर देवेश की नजर थी, लेकिन लालता प्रसाद ने उसे यह जमीन देने से इन्कार कर दिया था। देवेश के मन में भरे लालच ने आखिरकार उसे अपने ही माता-पिता का हत्यारा बना दिया।

लालता प्रसाद सेवानिवृत्त शिक्षक थे। गिरफ्तारी के बाद देवेश ने बताया था कि पिता लालता प्रसाद और मां मोहन देई की हत्या के बाद वह सात दिन तक गांव के ही पास खेतों में छिपा रहा था और फिर राजस्थान चला जहां महीने भर तक कभी मजदूरी की, कभी भीख मांगकर खाया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

पूछताछ में उसने पुलिस को बताया था कि पिता और छोटा भाई उमेश उसे पीटते थे। उसे यह भी डर था कि पिता लालता प्रसाद ने जो 30 बीघा जमीन अपने पास रख ली थी, उसे भी उमेश को न दे दें। लालता प्रसाद उसे टूटा मकान देकर उसका रास्ता भी बंद कर चुके थे। दुर्वेश मीरगंज की टीचर कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर वकालत की प्रैक्टिस करता था। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया था कि 13 अक्टूबर को वह दो बंदूकें लेकर बाइक से बहरोली गांव पहुंचा था और अपने माता-पिता की हत्या कर दी थी।

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