तमिलनाडु मानव तस्करी मामला: NIA ने बांग्लादेशी मूल के 3 व्यक्तियों के नाम पर 2 आरोपपत्र किए दायर

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। एनआईए ने बुधवार को तमिलनाडु मानव तस्करी मामले में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को नामित करते हुए दो आरोपपत्र दायर किए, जिसमें तस्करों के बड़े पैमाने के नेटवर्क के हिस्से के रूप में रोहिंग्या और बांग्लादेशी मूल के व्यक्तियों की भारत में तस्करी शामिल थी। बता दें आरोपियों की पहचान बाबू एसके उर्फ बाबू शोरफुल उर्फ एमडी सोरीफुल बाबूमिया, शहाबुद्दीन हुसैन उर्फ मोहम्मद साहब उद्दीन और मुन्ना उर्फ नूर करीम उर्फ नूर करीम के रूप में हुई है।
 
तीनों अपनी असली पहचान छुपाने के लिए जाली भारतीय दस्तावेज बनाने में सक्रिय रूप से शामिल थे। एनआईए, जो 7 नवंबर, 2023 से मामले की जांच कर रही है, ने पाया था कि बाबू एसके, अन्य आरोपियों के साथ मिलकर बांग्लादेश के नागरिकों की तस्करी करता था और उन्हें प्राप्त भी करता था। वह जानबूझकर वैध दस्तावेजों के बिना भारत में उनके अवैध प्रवास की सुविधा प्रदान कर रहा था। वह पीड़ितों को रोजगार देने और उनका शोषण करने में भी शामिल पाया गया।
 
वहीं आगे की जांच से पता चला कि बाबू एसके ने अपना जन्म प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किया था और फर्जी तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट इत्यादि जैसे कई अन्य भारतीय पहचान दस्तावेज भी प्राप्त किए थे।
 
एनआईए की जांच के अनुसार, अन्य दो आरोपित आरोपी, शहाबुद्दीन हुसैन और मुन्ना, दोनों चटगांव जिले के रहने वाले हैं, उन्होंने तस्करों और दलालों के साथ मिलकर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। उन्होंने पैन कार्ड जैसे अन्य भारतीय पहचान दस्तावेज प्राप्त करने के अलावा, जाली दस्तावेज जमा करके आधार कार्ड हासिल किए थे। उन्होंने फर्जी तरीके से प्राप्त दस्तावेजों की मदद से सिम कार्ड भी खरीदे और बैंक खाते भी खोले। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। 

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