Budget: राहतों की बौछार का मार्ग प्रशस्त; आगामी बजट में घरेलू गैस व पेट्रोल की कमतों में राहत संभव...
अर्थशास्त्री अंतरिम बजट को जनता के लिए लाभप्रद मान रहे हैं।
मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले आया अंतरिम बजट यह दिखाता है कि सरकार जनता के लिए कुछ और तथा नया करने का जज्बा रखती है। अर्थशास्त्री प्रो.एमपी सिंह के अनुसार बजट के जरिए चुनावी एजेंडा सेट कर दिया गया है। इसका लाभ जनता को ही मिलेगा।
कानपुर, अमृत विचार। मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले आया अंतरिम बजट यह दिखाता है कि सरकार जनता के लिए कुछ और तथा नया करने का जज्बा रखती है। अर्थशास्त्री प्रो.एमपी सिंह के अनुसार बजट के जरिए चुनावी एजेंडा सेट कर दिया गया है। इसका लाभ जनता को ही मिलेगा। किसान, ग्रामीण, नौजवान, गरीब, महिलाएं, बुजुर्ग, दलित, पिछड़े, आदिवासी, छोटे-बड़े व्यापारी और उद्योगपति वर्ग को सरकार ने बजट के लिए जरिए खुश करने की कवायद के साथ जुलाई में पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट की झलक भी दिखा दी है।
अर्मापुर डिग्री कालेज के प्राचार्य रहे प्रो. सिंह ने बताया कि वित्तमंत्री ने अंतरिम बजट में कई घोषणाएं की हैं परंतु बड़ी घोषणा करने से वह बची हैं। उन्होंने आयकरदाताओं को कोई राहत नहीं दी। सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध नौ से 14 साल तक की बालिकाओं को वैक्सीनेटेड करना और एक करोड़ घरों पर रूफ टॉप सोलर से 300 यूनिट फ्री बिज़ली देने की घोषणा स्वागत योग्य है। दो करोड़ गरीबों को आवास दिए जाने की बात सरकार का गरीबों से भावनात्मक जुड़ाव दिखाता है।
महिला मतदाताओं का वोट भाजपा को 2014 से लगातार मिलता रहा है। तीन राज्यों के हालिया नतीजे भी इसी का परिणाम हैं। ऐसे में तीन करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का संकल्प दरियादिली दर्शाता है। बीते चुनाव में महिलाओं के कुल वोटों का 36 फीसदी अकेले भाजपा की झोली में गया था।
इंफ़्रास्ट्रक्चर पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके सरकार ने उत्तरोत्तर प्रगति के संकेत दिए हैं। नव उद्यमियों के लिए स्व-रोजगार योजनाएं, स्टार्ट अप योजना यथावत रखकर वित्तमंत्री ने औद्योगिक विकास का एजेंडा सेट किया है। नयी रोज़गार योजनाओं, घरेलू गैस, पेट्रोल, डीजल की कमतों में भी राहत की अपेक्षा जुलाई 2024 के बजट में पूरी की जा सकती है।
