Fatehpur News: शिशु रोगियों की भरमार... टीके और दवाओं का पड़ा अकाल, दवाएं खरीद कर परिजन करा रहे नौनिहालों का इलाज
फतेहपुर में ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई है।
ओपीडी की लंबी कतारें बदलते मौसम की बानगी है, युवाओं, बुजुर्गों के साथ खासकर छोटे बच्चे बड़ी संख्या में बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। दुखद पहलू यह कि जिला अस्पताल में बच्चो की वैक्सीन एवं जरूरी दवाएं न होने से तीमारदार परेशान है।
फतेहपुर, अमृत विचार। ओपीडी की लंबी कतारें बदलते मौसम की बानगी है, युवाओं, बुजुर्गों के साथ खासकर छोटे बच्चे बड़ी संख्या में बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। दुखद पहलू यह कि जिला अस्पताल में बच्चो की वैक्सीन एवं जरूरी दवाएं न होने से तीमारदार परेशान है।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब एक हजार चार सौ नए मरीजों की ओपीडी हो रही है। दिन में गर्मी रात में सर्दी का उतार चढ़ाव सभी आयु वर्ग के लोगों को बीमार बना रहा है। वही नौनिहाल वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
शिशु रोग चिकित्सक डा. मूलचंद्र के अनुसार बदलते मौसम की वजह से औसतन 80 नए बाल मरीज ओपीडी में आते हैं। मौसम के उतार चढ़ाव से बच्चों पर निमोनिया जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में न्यूमोकोकल कंजूगेट वैक्सीन (पीसीवी) का जिला अस्पताल में बेहद कमी बनी हुई है।
स्टाफ की माने तो करीब एक माह से वैक्सीन की उपलब्धता में दिक्कत है। रोजाना बड़ी तादाद में बच्चे लौटाए जा रहे हैं। निमोनिया जैसी घातक बीमारी से नौनिहालों को बचाने के लिए माताएं जिला असपताल, स्थानीय सीएचसी, पीएचसी के चक्कर लगा रहीं हैं।
वैक्सीन की उपलब्धता के लिए वह सीएमओ से बात करेंगी, जल्द व्यवस्था कराई जाएगी। यदि किसी ने पीसीवी का टीका शिशुओं को बाहर से भी लगवा लिया है, तो अगला टीका विभाग लगाएगा।- रेखा रानी, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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