गोंडा: आसमान से बरसा 'अमृत', फसलों को मिली संजीवनी, किसानों के खिले चेहरे
गोंडा। मौसम के अनुमान को लेकर विख्यात रहे महाकवि घाघ ने कहा है कि "बरसै पानी आधे पूसा,आधा गेंहू आधा भूसा"। पूस महीने की समाप्ति पर हुई इस बरसात से खेतों में लगी फसलों को संजीवनी मिल गयी है। इससे गन्ना,गेंहू व सरसो की फसल को फायदा पहुंचा है। यह बारिश मटर,चना व सब्जी की अन्य फसलों के लिए काफी मुफीद है। किसान गेंहू के फसल की सिंचाईं की तैयारी ही कर रहे थे लेकिन बरसात ने उनका हजारों रुपये का डीजल बचा लिया है।
इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने इस बारिश को फसलों के लिए काफी मुफीद बताया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों की फसलों को इस समय सिंचाई की आवश्यकता है। बारिश से फसलों को बहुत ज़रूरी नमी मिलेगी। फसल में वृद्धि होगी और कृषि संभावनाओं में सुधार होगा।

बारिश का इंतजार कर रहे थे किसान
जनवरी महीने में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ रही थी। किसान गेहूं, चना, मटर, मसूर व अन्य दलहनी फसलों के लिए सिंचाई की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। बारिश न होने से फसलों की बढ़वार पर ब्रेक लग गया था। कोहरे और पाले से दलहनी-तिलहनी फसलों के साथ आलू में झुलसा रोग की संभावना बढ़ गई थी।
दो दिन पहले दिन में हल्की बूंदाबांदी से किसानों को बारिश की उम्मीद बढ़ी जरूर थी, लेकिन बारिश न होने से निराशा ही हाथ लगी थी। रविवार रात में मौसम ने करवट ली और सुबह से बारिश शुरू हो गयी। दिन भर रुक रुक कर बारिश होती रही। पूस में न सही लेकिन महीने की समाप्ति पर हुई बारिश से किसानों की अच्छी फसल उत्पादन की उम्मीदों को पंख लगे हैं।
बारिश के बाद का मौसम फसलों के अनुकूल
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय की बारिश के बाद का मौसम फसलों के लिए काफी अनुकूल है। बढ़वार अच्छी होने से बेहतर उत्पादन की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वहीं किसानों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है।

मनकापुर क्षेत्र के किसान बबलू का कहना है कि इस बारिश से फसलों को फायदा हुआ है। उन्होने गेंहू की फसल में यूरिया की बुवाई कराई थी, जिसमे पानी देना था। बरसात होने से अब सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।

किसान संतोष शुक्ला ने कहा कि वह गन्ना व गेंहू के साथ केले की खेती भी करते है। इस बारिश से सभी फसलो को लाभ मिला है। अब अगर इससे ज़्यादा बरसात होती है तो सरसो व कुछ अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है।

किसान विष्नु प्रताप इस हल्की बरसात को किसानों के लिए वरदान से कम नही मानते। उनका कहना है इस बरसात का सभी फसलों को फायदा होगा।
यूरिया की बढेगी डिमांड
इस बारिश के बाद गेंहू में यूरिया खाद की बोआई जोर पकड़ेगी। इससे यूरिया की डिमांड बढ़ेगी। रविवार को बरसात के बीच ही किसान खाद की दुकानों पर पहुंचे और जरूरी मात्रा में खाद खरीदी।

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