बरेली: जिन हाथों में सुरक्षा वे ही कर रहे जन का उत्पीड़न
बरेली,अमृत विचार। पुलिस सिर्फ शब्द नहीं भरोसा है, क्योंकि अंधेरी रात और सूनसान सड़कों पर जब कोई पुलिस की गाड़ी दिख जाती है तो मन में खुद को सुरक्षित होने का अहसास खुद ही हो जाता है। आम जन को सुरक्षा का एहसास दिलाने वाली यह पुलिस एक तरफ ये बदमाशों को गोली मारकर अपराधियों …
बरेली,अमृत विचार। पुलिस सिर्फ शब्द नहीं भरोसा है, क्योंकि अंधेरी रात और सूनसान सड़कों पर जब कोई पुलिस की गाड़ी दिख जाती है तो मन में खुद को सुरक्षित होने का अहसास खुद ही हो जाता है। आम जन को सुरक्षा का एहसास दिलाने वाली यह पुलिस एक तरफ ये बदमाशों को गोली मारकर अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा कर रही है। वहीं कुछ लोग वर्दी पर दाग लगाने का काम कर रहे हैं। शहर से लेकर देहात तक ऐसे तमाम इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही है, जिनका मकसद सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाना है।
इनकी लग्जरी गाड़ियां और ऊंचे मकान इस बात का सबूत हैं कि ये सब इनके वेतन का कमाल नहीं है। कुछ तो ऐसा हो रहा है जो इनकी दिन दोगनी और रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। ईमानदार अधिकारियों तक इनकी पहुंच बेशक न हो लेकिन इनकी सेटिंग इतनी मजबूत रहती है कि ये किसी न किसी तरीके से बने रहते हैं। लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई न होने के कारण आज भी वर्दी पर दाग लग रहे हैं। कहीं, यह बदमाशों के साथ मिलकर काम कर रहे है तो कहीं जुआ सट्टा करवा रहे हैं।
पीड़ित के घर में पुलिस ने की लूटपाट
फतेहगंज पूर्वी के रहने वाले कल्लू के बेटे सूरज पाल का 30 अगस्त की रात झगड़ा हो गया था। उसने पुलिस को फोन किया तो यूपी 112 वहां आ गई। इसके बाद पुलिस ने सूरज पाल और राम कुमार को गाड़ी में बैठा लिया। सूरजपाल की गोद में उसकी दो साल की बेटी थी। उसे लेने के लिए जब उसकी पत्नी शारदा वहां पहुंची तो सिपाही ने उसे तमाचा जड़ दिया। इससे वह नाली में गिर गई। सूरज ने विरोध किया तो यूपी 112 ने थाने फोन करके सूचना दी की उन्हें गांव वाले ने घेर लिया है। इसपर पुलिस पहुंची और उनके घर में तोड़फोड़ कर जेवर व नकदी लूट ली। पीड़ित ने एसएसपी से मामले की शिकायत की है।
मजदूरी मांगी तो बोले कर देंगे एनकाउंटर
नवाबगंज कस्बे में रहने वाले राम सिंह ने बताया कि थाने में रंगाई, पुताई व बिजली फिटिंग का कार्य वह वर्षों से कर रहे हैं। उसने बताया कि चार माह पहले उसने थाने में पुताई की थी। इसमें उसके 37 हजार रुपये खर्च हुए थे। इनमें से इंस्पेक्टर ने 15 हजार रुपये उसे दे दिए। बाकी के रुपये मांगने पर इंस्पेक्टर उसे जेल भेजने की धमकी देते हुए एनकाउंटर करने की बात कह रहे है। पीड़ित की शिकायत पर कप्तान ने एएसपी को मामले की जांच सौंपी है।
चौकी खुलने का विरोध कर रहे गांव वाले
सात दिन पहले एसएसपी क्योलड़िया का भ्रमण करने गए थे। तब उन्होंने पाया था कि वहां दो चौकियां खोली जाए तो अपराध पर लगाम लग सकती है। इसलिए उन्होंने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। शुक्रवार को बहर जागीर गांव के लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे और गुहार लगाई की उनके गांव में चौकी न खोली जाए। पुलिस वाले गांव में आकर खेत जा रहे किसानों तक चालान काट रहे है। अगर वहां चौकी खुल गई तो उनका जीना दुश्वार हो जाएगा।
“यदि पुलिस किसी का उत्पीड़न कर रही है तो वह मुझसे सीधा इसकी शिकायत कर सकता है। बाकी मामलों की जांच कराई जा रही है। दोष पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।” -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
