Kanpur Crime: चलती ट्रेन से उतरते समय पिता की गई जान…चीखता चिल्लाता रहा बेटा, थम गई सांसे
कानपुर में चलती ट्रेन से उतरते समय बेटे के सामने पिता की गई जान
कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन में चलती ट्रेन से उतरते समय बेटे के सामने पिता की प्लेटफार्म के बीच फंसकर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस दौरान बेटा पिता को बचाने के लिए चीखता चिल्लाता रहा लेकिन ट्रेन के गुजरने के बाद ट्रैक पर उनकी सांसे थम चुकी थीं।
कानपुर, अमृत विचार। गोविंदपुरी स्टेशन में चलती ट्रेन से उतरते समय बेटे के सामने पिता की प्लेटफार्म के बीच फंसकर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस दौरान बेटा पिता को बचाने के लिए चीखता चिल्लाता रहा लेकिन ट्रेन के गुजरने के बाद ट्रैक पर उनकी सांसे थम चुकी थी।
जीआरपी उन्हें लेकर अस्पताल पहुंची जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जीआरपी ने परिजनों को फोन पर घटना की जानकारी दी, तो चीख पुकार मच गई।
जिला बांदा के थाना गिंरवा गांव रीगा निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश लखनऊ कांशीराम पार्क में सफाई कर्मी थे। बड़े भाई रग्घू प्रसाद ने बताया कि वह बांदा से अपने बेटे मयंक के साथ सोमवार सुबह इंटरसिटी से लखनऊ जा रहे थे। इस दौरान बर्रा में रहने वाली भांजी की शादी समारोह में शामिल होने के लिए वह गोविंदपुरी स्टेशन में प्लेटफार्म नंबर दो में गाड़ी के धीमे होते ही उतरने लगे।
जीआरपी के अनुसार उन्होंने पहले बेटे मयंक को चलती ट्रेन से उतारा इसके बाद खुद उतरने लगे। इसी समय बाएं हाथ में भारी बिट्ठू बैग होने के कारण ट्रेन के पैडल में पैर स्लिप होने से वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच में फंस गए। जिससे ट्रेन की चपेट में आने से बेटे के सामने मौत हो गई। बेटा मयंक यात्रियों और जीआरपी सिपाहियों से पिता को बचाने के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा।
ट्रेन के निकलने पर दौड़कर जीआरपी सिपाहियों ने आनन-फानन उसे लेकर हैलट अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बेटे मयंक ने घटना की सूचना मां गुड़िया को दी, तो कोहराम मच गया। आंखों के सामने हुई हृदय विदारक घटना को उसने मां को बयां की। सूचना मिलते ही वह लोग पोस्टमार्टम हाउस कुछ घंटे में पहुंच गए।
हादसे में बेटे की मौत की खबर मिलते ही मृतक की मां बाई अचेत हो गई। इस संबंध में जीआरपी इंस्पेक्टर अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि यात्री के पास अतर्रा से लखनऊ का टिकट मिला है। इंटरसिटी का गोविंदपुरी में स्टॉपेज नहीं है, इसके बावजूद भी वह उतरने लगे और हादसा हो गया।
बेटा मां के साथ लिपट लिपटकर खुद को कोसता रहा
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों ने शव देखा तो कोहराम मच गया। घटना का चश्मदीद मयंक मां गुड़िया के साथ लिपट-लिपटकर रोता बिलखता रहा। उसने परिजनों और नाते रिश्तेदारों को आंखों के सामने हुई घटना बयां की। जिससे उन लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। उसका बार-बार यह कहना था कि वह पिता को नहीं बचा पाया।
ये भी पढ़ें- Kanpur से छह हजार भाजपाई रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना, जय श्री राम के उद्घोष से वातावरण हुआ राममय
