Bareilly Crime News: पत्नी को बता रखा था पायलट है, त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के पास फर्जी फ्लाइट लेफ्टिनेंट गिरफ्तार

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बरेली, अमृत विचार : त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के बाहर से फर्जी फ्लाइट लेफ्टिनेंट को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से एक कार, आईडी कार्ड समेत अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। वायुसेना के जवानों ने उसे पकड़कर इज्जतनगर थाना पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वह लोगों से भर्ती कराने के बहाने ठगी भी कर चुका है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान इन्दर कुमार माली (40) निवासी बहुतचक उपाध्याय थाना उभांव बलिया के रूप में हुई है। आरोपी अपनी कार में में वर्दी टांग कर और कैप लगाकर वाहन चलता था। इज्जतनगर थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि पुलिस को वायुसेना स्टेशन के मास्टर वारंट अफसर (सहायक सुरक्षा अधिकारी) योगेन्द्र सिंह यादव ने सूचना दी कि आरोपी इंद कुमार गेट के बाहर घूम रहा है।

पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह खुद की वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त बता कर लोगों को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था। तीन साल पहले वह हल्द्वानी चला गया। उसने अपनी पत्नी से झूठ बोला कि वह एयरफोर्स में पायलट अफसर है और आसपास के लोगों में भी यही यह प्रचार करने लगा।

आरोपी ने पवन मेहता, ज्योति मेहता और एक अन्य युवक से शैक्षिक अभिलेख ले लिए और प्रति अभ्यर्थी की भर्ती के लिए डेढ़ लाख रुपये तय हुए। उसने अपनी वर्दी और आई कार्ड बरेली से लिए ताकि आसपास हल्द्वानी में लोगों को शक न हो। सोमवार को एयरफोर्स गेट के पास अपने जूते और अन्य सेना के सामान लेने के लिए आया था लेकिन शक होने पर गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के पास से आधार कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक सेना का फर्जी आई कार्ड, सेना की लोगो लगी डस्टर कार व दो मोबाइल फोन, पांच सिम व अन्य कागजात बरामद हुए। गाड़ी आठ महीने पहले फाइनेंस पर ली थी। अफसर योगेन्द्र सिंह की तहरीर पर इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

आईबी, एटीएस और एलआईयू को दी गई सूचना: थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि सेना से जुड़े होने के कारण गिरफ्तार करने के बाद मामले की जानकारी एटीएस, एलआईयू और आईबी को दी गई। टीम ने आरोपी से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हल्द्वानी जाकर भी जांच करेगी। अगर ठगी के मामले सामने नहीं आए तो मामले में जासूसी से जोड़कर भी जांच की जाएगी।

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