दो करोड़ तक के कर्ज पर अब ‘ब्याज पर ब्याज’ से राहत

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नई दिल्ली। सरकार की तरफ से हजारों की संख्या में लोगों और एमएसएमई लोन लेने वालों के लिए एक राहत की खबर का ऐलान किया गया है। केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में यह सूचित किया गया है कि छह महीने की लोन मोरेटोरियम अवधि के दौरान दो करोड़ रुपये तक के …

नई दिल्ली। सरकार की तरफ से हजारों की संख्या में लोगों और एमएसएमई लोन लेने वालों के लिए एक राहत की खबर का ऐलान किया गया है। केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में यह सूचित किया गया है कि छह महीने की लोन मोरेटोरियम अवधि के दौरान दो करोड़ रुपये तक के ऋण पर ब्याज पर ब्याज की छूट दी जाएगी। हलफनामे में इस बात का जिक्र किया गया है कि अब चक्रवृद्धि ब्याज पर छूट की भार का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा।

केंद्र ने कहा कि संभावित सभी विकल्पों पर सावधानीपूर्वक विचार किए जाने के बाद सरकार ने छोटे कर्जदारों की मदद करने की पंरपरा बनाए रखी है। इन दो करोड़ रुपये तक के ऋणों की श्रेणियों में एमएसएमई ऋण, शैक्षिक, आवास, उपभोक्ता, ऑटो, क्रेडिट कार्ड बकाया, उपभोग, व्यक्तिगत और पेशेवर ऋण शामिल हैं, जिन पर लागू चक्रवृद्धि ब्याज को माफ करने का फैसला लिया गया है।

केंद्र ने कहा कि जमाकर्ताओं पर वित्तीय बोझ और उनकी कुल निवल संपत्ति को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किए बिना बैंकों के लिए चक्रवृद्धि ब्याज पर छूट के बोझ का वहन किया जाना संभव नहीं होगा और ऐसा जनता के हित में भी नहीं होगा। हलफनामे में कहा गया कि सरकार ने फैसला लिया है कि लोन मोरेटोरियम अवधि के दौरान चक्रवृद्धि ब्याज की छूट पर राहत उधारकर्ताओं की सबसे कमजोर श्रेणी तक सीमित होगी। विशेषज्ञों की एक समिति संग विचार-विमर्श करने के बाद केंद्र ने इस ओर अपना रुख बदला है।

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