Taj Mahotsav : दिखेगी भारतीय अखंडता की झलक, ये रखी गई है थीम
आगरा, अमृत विचार। पिछले 31 वर्षों से जिले की शान ताज महोत्सव को प्रशासन धूमधाम के साथ आयोजित करता आ रहा है। आगरा और उत्तर प्रदेश ही नहीं ताज महोत्सव में देश की कला, शिल्प, संस्कृति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है। 32वें ताज महोत्सव को नए रंग में पहचाना जाएगा। इस बार "विकसित भारत के संकल्प के संग, ताज महोत्सव के संग" की थीम पर ताज महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। ताज महोत्सव में शिल्प-कला का अद्भुत नजारा तो देखने को मिलेगा ही इसके साथ ही इस बार महिला सशक्तिकरण की झलक भी देखने को मिलेगी।
मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने बताया कि इस बार ताज महोत्सव में कई बदलाव किए गए हैं जिससे हर वर्ग और तमाम क्षेत्रों में रूचि रखने वाले देशी और विदेशी पर्यटक जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। इस बार ताज महोत्सव और आगरा शहर भी देश और दुनिया के सामने नए सलीके के साथ सामने होगा। जहां ताज महोत्सव में आगरा की कला संस्कृति और कल्चर दिखाई देगा वहीं उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों की झलक के साथ साथ विदेशी कलाकार और संस्कृति प्रेमी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए पहली बार आगरा के मंच पर दिखाई देंगे। मंडलायुक्त ने कहा कि सूर सदन प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार एनएसडी के माध्यम से अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
उन्होंने कहा कि ताज महोत्सव से महिलाएं भी अधिक से अधिक जुड़ सकें इसके भी प्रयास किए गए हैं। इसके लिए गर्ल्स बाइक रैली, ताज कार रैली एवं कई कल्चरल एक्टिविटी भी आयोजित की जा रही हैं। इस बार ताज महोत्सव अंतर्गत यमुना किनारे घाटों पर महाआरती का आयोजन भव्यता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टूरिस्ट को अट्रैक्ट करने प्रयास किया जा रहे हैं, इसलिए इस बार नए कार्यक्रमों को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इस बार शिल्पग्राम और सूर सदन के साथ-साथ सदर बाजार, फतेहाबाद रोड स्थित सेल्फी प्वाइंट, आगरा किला और ताजमहल के सामने 11 सीढ़ी पर काइट फेस्टिवल, हॉट एयर बैलून, हेरिटेज वॉक, सुर सरोवर में पक्षी प्रेमियों का सेमिनार और प्रकृति प्रेमियों के लिए फोटोग्राफी कंपटीशन आयोजित किया जा रहा है।
वहीं इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत भारतीय संगीत एवं नृत्य की विभिन्न विधाओं का समावेश किया गया है। जिसके अंतर्गत शास्त्रीय नृत्यों के कथक, भरतनाट्यम, शास्त्रीय एवं उप शास्त्रीय गायन, भोजपुरी गायन अवधि गायन कव्वाली भजन संध्या, ब्रज के लोकगीत एवं लोक नृत्य, बांसुरी वादन, सरोज वादन, सितार वादन, तबला वादन, पखवाज वादन एवं रूद्र वीणा आदि प्रमुख हैं।
निशुल्क रहेगा हॉट एयर बैलून
ताजमहल उत्सव में जहां एक और ब्रज की होली, कथक, भरतनाट्यम जैसी प्राचीन शास्त्रीय कलाओं के रंग बिखरेंगे वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से ताज महोत्सव के आयोजन में चार चांद लगाएंगे। इसके साथ ही देश और विदेश के नामचीन कवि, कव्वाल और शायर ताज महोत्सव में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उन्होंने कहा कि ताज महोत्सव में हॉट एयर बैलून की शुरुआत की गई है, जो 10 दिनों तक निशुल्क रहेगा। इसके बाद हॉट एयर बैलून पर्यटकों के लिए निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस बार विभिन्न राज्यों के हैंडीक्राफ्ट हैंडलूम पॉपुलर करने के लिए 400 स्टाल लगाए जा रहे हैं। जिसमें देश भर के हस्त कलाकार, कुटीर उद्योग से जुड़े लोग हस्त शिल्पी शामिल होंगे।
यहां दिखेगी अखंडता की झलक
ताज महोत्सव में भारत की अखंडता की झलक देखने को मिलेगी। यहां पर तेलंगाना, गुजरात, झारखंड, वेस्ट बंगाल, पंजाब, बिहार, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, जम्मू एंड कश्मीर, मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उड़ीसा के हथकरघा का शिल्पी अपने उत्पाद का प्रचार -प्रसार करेंगे।
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