Magh Mela prayagraj : ऐप बनेगा गाइड, समझेगा श्रृद्धालुओं की भाषा-महाकुंभ को लेकर किया जा रहा ट्रायल
मिथलेश त्रिपाठी/ प्रयागराज, अमृत विचार। अब माघ मेला हो या महाकुंभ दूसरे प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं की भाषा आसानी से इन्टरप्रेट की जा सकेगी। इसको लेकर एक ऐप की शुरुआत की गई है, जिससे 2025 में लगने वाले महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को आपसी बोलचाल की भाषा को समझने में आसानी होगी।
2025 में लगने वाले विशाल महाकुंभ की तैयारी को लेकर कुंभ मेलाधिकारी ने कई नई तैयारियां की हैं। जिनका प्रयोग ट्रायल के रूप में किया जा रहा है। मेले में आने वाले श्रृद्धालुओं की भाषाओं को समझने और उनकी बातों का जवाब देने के लिए यूपी एडीजी 112 रीना रावत ने एक ऐप लांच किया है। इस ऐप के माध्यम से उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश वह अन्य राज्यों से आने वाले श्रृद्धालुओं की भाषाओं को समझने में आसानी होगी। गौरतलब है कि सुदूर प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को हिंदी का ज्ञान काम होता है। ऐसे में उन्हें यहाँ काफी परेशानी उठानी पड़ती है। यही नहीं उनके साथ कोई घटना हो जाने पर भाषा की समस्या पुलिस के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन जाती है।

ऐसे में यूपी पुलिस की तरफ से जारी इस ऐप को एक अच्छी पहल माना जा सकता है। आज मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर प्रयागराज के संगम तट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। माघ मेला में देश के अलग-अलग स्थान से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ही भाषा को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि मिले में लगाए गए सुरक्षा कर्मी उनकी भाषा नहीं समझ पाते हैं। मेले में लगाए गए पुलिस कर्मियों को मोबाइल पर एक ऐप दिया है। जिस पर श्रद्धालुओं की मदद मैसेज के माध्यम से उनकी भाषा के शब्दों को हिंदी में बदल कर की जाएगी।
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मगघ मेले में अन्य प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को बोलचाल की भाषणओं को समझने में पुलिस को परेशानियां होई है। ऐसे में ऐसे में एडीजी 112 ने एक ऐप लांच किया है। जिसकी मदद से भाषाओ को परिवर्तिर कर श्रद्धालुओं की मदद की जा सकेगी। इस एप्स के माध्यम से श्रद्धालुओं को काफी आसानी होगी।
- डॉक्टर राजीव नारायण मिश्र डीआईजी, मेला प्रयागराज
