बालश्रम से बच्चों का होता है पलायन: पुलिस अधीक्षक
एसपी और श्रम अधिकारी ने 50 परिवारों की दी गुमटी और परचून का सामान
बहराइच, अमृत विचार। शहर के एक लान में शुक्रवार को बाल श्रमिक पुनर्वास पारिवारिक व्यवसायिक सहायता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने बाल श्रम को रोकने और बच्चों को स्कूल भेजने पर बल दिया। जिले में प्रथम संस्था द्वारा जनपद के 50 बच्चे बालश्रम के लिए पलायन से रोके गए।
इन बच्चों के परिवारों को शिक्षा के लिए आर्थिक राशि व व्यवसाय के लिए सहायता सामग्री गुमटी, साथ में परचून का सामान वितरण स्नेह उत्सव पैलेस में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला के द्वारा उदघाटन कर वितरण किया गया। एसपी ने उपस्थित सभी अभिभावकों को बाल श्रम के दुष्प्रभाव को अवगत कराते हुए उन्हें उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का आवाहन किया।
संस्था के निदेशक किशोर भामरे ने सभी सहायता प्राप्त लोगों को व बच्चों से बाल श्रम न करने व शिक्षा से जोड़ने के लिए मदद का आश्वासन दिया। सहायक श्रमायुक्त सिद्धार्थ मोदियानी ने श्रम विभाग की सभी योजनाओं के बारे मे विस्तृत चर्चा कर उपस्थिति लोगों को इसका लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन संस्था की सहायक निदेशक स्नेहा शिरगांवकर ने किया। इस अवसर पर प्रोवेशन विभाग, प्रथम संस्था से, अमर पाल सिंह, कीर्तिका सागर,अश्विनी सिंह, राकेश चौबे, शिवनाथ मिश्रा,रेखा देवी, पवन कुमार, गोपी चंद, व तमाम अभिभावक, महिलाएं व बच्चे उपस्थित रहे।

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