पीलीभीत: शहर में नकब लगाकर हुई चोरियों का खुलासा, तीन गिरफ्तार... डकैती की चुनौती बरकरार

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पीलीभीत, अमृत विचार: शहर में मोबाइल शॉप समेत तीन दुकानों पर नकब लगाकर हुई चोरी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसओजी की मदद से सुनगढ़ी पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी कर चोरी गए सामान में से कई मोबाइल, नकदी बरामद की। एसपी ने खुलासा कर गुडवर्क गिनाया। हालांकि अभी पूरनपुर में हुई 40 लाख की डकैती के खुलासे में सफलता नहीं मिल सकी है। इसे लेकर व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने अधिकारियों से मुलाकात की।

बता दें कि 28 जनवरी की रात चोरों ने गल्ला मंडी में व्यापारी नीलेश अग्रवाल और सऊद की दुकान में छत के रास्ते नकब लगाकर नकदी चोरी की गई थी। इसके बाद पांच फरवरी को चावला चौराहा के पास व्यापारी कपिल वर्मा की मोबाइल शॉप में भी छत के रास्ते घुसे चोर 15 लाख कीमत के मोबाइल समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए थे।

 पूर्व में ही पूरनपुर में किराना व्यापारी सुनील गुप्ता के परिवार को बंधक बनाकर 40 लाख की डकैती भी हो चुकी थी। घटनाओं का खुलासा करने के लिए संबंधित थानों की पुलिस के अलावा एसओजी लगाई गई। डकैती के खुलासे में तो पुलिस अभी सफलता हासिल नहीं कर सकी है। मगर चोरी करने वाले गिरोह को धर दबोचा। 

शुक्रवार रात को पुलिस टीम ने न्यूरिया थाना क्षेत्र के मोहल्ला अब्दुल रहीम निवासी जैनूल आवेदद्दीन, ग्राम चिड़ियादाह निवासी कासिम उर्फ बबलू और बरेली जिले के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के शांति बिहार कॉलोनी निवासी शुभम भारती को पकड़ा।  उनके पास से चोरी की दो बाइक, इसके अलावा 24 मोबाइल, 20 हजार रुपये, दो तमंचे, चार कारतूस, एक चाकू, तीन जोड़ी ईयर बड्स, स्मार्ट वॉच व डाटाकेबल बरामद हुई। जोकि शहर की तीन दुकानों से चोरी की गई थी। 

मोबाइल शॉप से चोरी आठ मोबाइल अभी नहीं मिल सके, जोकि एक अन्य साथी के पास बताए गए हैं।जिसकी धरपकड़ को टीम प्रयास कर रही है। शनिवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार कक्ष में प्रेसवार्ता कर एसपी अतुल शर्मा ने चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इस मौके पर सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी संजीव शुक्ला टीम के साथ मौजूद रहे। आरोपियों को चालान कर कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है।

बच्चा जेल में हुई दोस्ती और गिरोह बनाकर करने लगे चोरियां
पकड़े गए तीनों आरोपी नई उम्र के हैं। पुलिस के अनुसार जैनूल 19, कासिम 18 और शुभम भारती करीब 20 साल का है। जैनूल गिरोह का सरगना है। जैनूल और कासिम रेकी करते थे। जिस मोबाइल शॉप पर चोरी की गई वहां ग्राहक बनकर मोबाइल भी ले गए थे।  

दुकानदार पर गल्ले में नोट रखते या फिर बैठकर गिना करते थे। उससे वह तय किया करते थे कि चोरी किसकी दुकान में करनी है। इन तीनों की उम्र भले कम हो लेकिन सभी का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। इन तीनों की मुलाकात बच्चा जेल में हुई और दोस्ती हो गई। फिर गिरोह बनाकर चोरियां करना शुरू कर दिया।

घटना करने के बाद भाग जाते थे जयपुर
कम उम्र में ही बेहद शातिराना तरीके से अपराध तीनों किया करते थे। छोटा सा नकब लगाकर उसमें घुसने का कम भलीभांति जानते थे। किसी बच्चे का इसतेमाल करने की जरुरत नहीं पड़ती। पुलिस से बचने के लिए जयपुर में एक किराए पर मकान भी ले रखा था।

चोरी को अंजाम देने के बाद सीधे जयपुर चले जाते थे। वहां पर चोरी के सामान से ही ऐश करते। बरामद किए गए 24 मोबाइल में एक आईफोन वह है जो चोरी के रुपये से ही खटीमा से खरीदा था। बीती पांच फरवरी को पीलीभीत आ गए और दोबारा घटना करने की फिराक में थे।

खुलेगी हिस्ट्रीशीट, लगेगा गैंगस्टर
पकड़े गए तीनों अपराधी शातिर चोर हैं। उनके एक साथी की अभी तलाश चल रही है।  इन सभी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जाएगी और हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। ताकि आगे भी निगरानी हो सके। पूरनपुर डकैती में टीमें काम कर रही हैं--- अतुल शर्मा, एसपी।

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