मुरादाबाद: किसान के बेटे दरवेश ने जीता सर्वांग सर्वोत्तम का तमगा
मुरादाबाद, अमृत विचार। करीब सवा साल से अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर रहे 30 डीएसपी और 29 एपीओ को उनकी पहली तैनाती मिल गई। इस दौरान कठिन प्रशिक्षण की हर मुश्किल को आसानी से पार करने वाले दरवेश कुमार को सर्वांग सर्वोत्तम का खिताब दिया गया। जबकि इनडोर व आउटडोर में कमलेश कुमार और रूपाली …
मुरादाबाद, अमृत विचार। करीब सवा साल से अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर रहे 30 डीएसपी और 29 एपीओ को उनकी पहली तैनाती मिल गई। इस दौरान कठिन प्रशिक्षण की हर मुश्किल को आसानी से पार करने वाले दरवेश कुमार को सर्वांग सर्वोत्तम का खिताब दिया गया। जबकि इनडोर व आउटडोर में कमलेश कुमार और रूपाली राय ने बेहतर प्रदर्शन किया। सर्वांग सर्वोत्तम चुने गए दरवेश कुमार किसान के बेटे हैं और पहले भी नौकरी कर रहे थे।
परेड के बाद सभी ने एक-दूसरे को नई जिम्मेदारी की बधाई दी। वहीं सहायक अभियोजन अधिकारी में विपर्णा गौड़ ने पहला स्थान हासिल किया। जबकि सतीश कुमार पांडेय दूसरे व सोलंकी यादव तीसरे स्थान पर रहें। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत कर उनको बधाई दी
साइबर क्राइम को रोकना प्राथमिकता: दरवेश
सर्वांग सर्वोत्तम चुने गए दरवेश कुमार मूलत: अलीगढ़ जिले के बेसवान के रहने वाले हैं। तीन बहनों में सबसे बड़े दरवेश दो बच्चों के पिता भी हैं। एमएससी मैथ से करने के साथ ही वह सिविल सर्विस की भी तैयारी कर रहे थे। हालांकि पुलिस में आना उनकी पहली प्राथमिकता थी। दरवेश ने बताया कि उनके पिता सत्यवीर कुमार किसान हैं। उनकी पहली तैनाती मुरादाबाद में ही हुई है। बोले, अच्छा लग रहा है, जिस जिले में पुलिसिंग की कागजी बारीकियां सीखीं, वहीं पर अब फील्ड पर जाकर काम करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि अपराध नियंत्रण करना उनकी पहली प्राथमिकता हैं, हालांकि उनका पूरा फोकस साइबर क्राइम को रोकने पर रहेगा।
कानून व्यवस्था बरकरार रखने का हरसंभव करेंगे प्रयास: कमलेश
मूलत: कुशीनगर जिले के ग्राम कसिया के रहने वाले कमलेश कुमार ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया था। इसके बाद वह यूपीपीसीएल में बतौर टेक्नीशियन के पद पर तैनात हो गए। हालांकि पुलिस में आने की चाह रखने वाले कमलेश कुमार सिविल सर्विस की भी तैयारी करते रहे। दीक्षांत परेड के बाद कमलेश ने बताया कि उनके पिता महेश प्रसाद रिटायर प्रधानाध्यापक हैं। जबकि उनकी पत्नी रूपल सिंह बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। उनकी एक बेटी भी हैं। पहली पोस्टिंग सम्भल में मिलने के सवाल पर कमलेश ने कहा कि जिला कोई भी हो लेकिन उनकी प्राथमिकता रहेगी कि वह हर जगह कानून व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दें।
महिला उत्पीड़न के मामलों को निपटाना प्राथमिकता: रूपाली
मूलत: लखनऊ के शारदानगर की रहने वाली रूपाली राय इससे पहले रेलवे में नौकरी करती थीं। उनके पिता राम प्रवेश राय एक प्राइवेट लिमिटेड में काम करते थे, फिलहाल रिटायर हो चुके हैं। बीकॉम आनर्स से पढ़ाई करने वाली रूपाली की फिलहाल पहली तैनाती हापुड़ में हुई है। उन्होंने कहना है कि मौजूदा समय में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार अक्सर सामने आते हैं। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेकर उनका निस्तारण करना प्राथमिकता है। महिला उत्पीड़न के मामलों पर त्वरित एक्शन लेने की जरूरत है। हालांकि उनका यह भी कहना था कि वह आगे भी सिविल सर्विस की तैयारी करती रहेंगी।
