UP: राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने से अवैध होर्डिंग्स की भरमार, एक ओर नगर निगम उतार रहा, दूसरी ओर से रातों रात टंग जा रहीं

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने से अवैध होर्डिंग्स की भरमार

कानपुर, अमृत विचार। शहर में अवैध होर्डिंग लगाने का खेल जारी है। राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने से हार्डिंगों की बाढ़ आ गई है जो न केवल नगर निगम की आय को नुकसान पहुंचा रही हैं,

बल्कि बेतरतीब टंगी होर्डिंग्स जान के लिये खतरा भी बनी है। डीएम के निर्देश के बाद नगर निगम अवैध होर्डिंग को हटाने का अभियान तो चला रहा है, लेकिन एक दिन नगर निगम हटाता है वहीं उसी रात नई होर्डिंग्स से शहर दोबारा पट जाता है।

डीएम राकेश कुमार सिंह ने ओवर ब्रिज, रोड और चौराहों पर बिना अनुमति के होर्डिंग बैनर लगाने पर कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। दीवारों पर लिखकर प्रचार प्रसार करने वालों से भी नगर निगम को वसूली करने को कहा गया है। 

इसके साथ ही नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन को निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति वाले प्रचार-प्रसार को चिह्नित कर संबंधित को नोटिस भेजकर वसूली करें। डीएम के अनुसार अवैध होर्डिंग्स की वजह से प्रमुख चौराहों से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक ट्रैफिक में समस्या हो रही, जबकि सुंदरता पर भी ग्रहण लगा हुआ है।

बिना परमिश्न मकानों में तानी जा रही हार्डिंग्स

नगर निगम की इनकम का बड़ा साधन होर्डिंग का किराया भी है। नगर निगम एजेंसियों को निर्धारित स्पेस बेचता है। एजेंसियां होर्डिंग लगाती हैं। लेकिन, बहुत से मकानों में बिना परमीशन होर्डिंग लगा दी गई हैं। मकानों में होर्डिंग लगी है तो कॉमर्शियल टैक्स भी वसूल करना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। राजस्व निरीक्षक और कर्मचारी सुविधा शुल्क के चलते आंखें बंद किए हुए हैं और अपनी जेब भारी कर रहे हैं। साथ ही नगर निगम को राज्स्व का चूना भी लगा रहे हैं।

मकानों पर होर्डिंग लगाने का नियम

- मकानों पर होर्डिंग लगाने के लिए नगर निगम से परमिशन जरूरी
- मकान का रेजीडेंशियल की जगह कामर्शियल टैक्स का नियम
- मकानों का नक्शा पास होना चाहिए, मजबूती का भी प्रमाण पत्र हो
- हर साल रिन्यूवल से पहले मजबूती के वैरीफिकेशन की रिपोर्ट व एनओसी
- कमी मिलने पर इसकी जिम्मेदारी राजस्व इंस्पेक्टर व कर्मचारियों की होगी

जर्जर भवन पर भारी भरकम होर्डिंग

हटिया, नरोना चौराहा, फूलबाग, परेड, लाटूश रोड, गोविंद नगर पुल, घंटाघर, मूलगंज, रावतपुर, जनरलगंज समेत कई जगह जर्जर भवनों पर होर्डिंग लगी है। जर्जर भवन गिरने के साथ ही भारी भरकम लगी होर्डिंग गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। दक्षिण में होर्डिंग्स की बड़ी समस्या है। गोविंद नगर पुल से दीप टाकीज तिराहे और इसके बाद मुड़कर संजय वन तक खंबों पर हर रोज बड़ी संख्या में होर्डिंग्स लगाई जाती हैं। जिसे हटा-हटाकर नगर निगम आजिज आ गया है।

22 जनवरी के बाद से चला अभियान नाकाफी

शहर में अवैध होर्डिंग को चिन्हित कर उसके खिलाफ अभियान पहले से चलाया जा रहा है। लेकिन, 22 जनवरी के बाद कई जगह पर अभियान चलाकर होर्डिंग भी हटाई गई है। जोनल इंचार्ज दो व विज्ञापन प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि अवैध होर्डिंग के खिलाफ लगाकर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक तीन सौ से ज्यादा अवैध होर्डिंग हटाई गई हैं। कई बार स्ट्रीट लाइट पर भी होर्डिंग लगा दी जाती है। इससे खंबे पर लगी तिरंगा लाइट पर छिप जाती है। अभियान के दौरान कई बार विवाद के भी हालात बन जाते हैं। 

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