मुरादाबाद: टीएमयू कोविड हॉस्पिटल के खिलाफ राष्ट्रीय योगी सेना का प्रदर्शन

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मुरादाबाद, अमृत विचार।  कोरोना काल के दौरान टीएमयू अस्पताल में हुई तीन मौतों के बाद माहौल गर्माने लगा है। इन मौतों को लेकर जहां एक दिन पहले जिला पंचायत की बैठक में जमकर हंगामा हुआ था तो वहीं रविवार को राष्ट्रीय योगी सेना टीएमयू के गेट पर धरना दिया। कुछ देर के लिए दिल्ली-लखनऊ हाईवे …

मुरादाबाद, अमृत विचार।  कोरोना काल के दौरान टीएमयू अस्पताल में हुई तीन मौतों के बाद माहौल गर्माने लगा है। इन मौतों को लेकर जहां एक दिन पहले जिला पंचायत की बैठक में जमकर हंगामा हुआ था तो वहीं रविवार को राष्ट्रीय योगी सेना टीएमयू के गेट पर धरना दिया। कुछ देर के लिए दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। गुस्साए पदाधिकारियों ने टीएमयू कुलाधिपति का पुतला फूंकने के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ किया। करीब ढ़ाई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने किसी तरह से मामले को शांत कराया।

मौजूदा समय में कोविड काल चल रहा है। इस दौरान टीएमयू के कोविड वार्ड में भर्ती महिला समेत तीन लोगों ने कूदकर अपनी जान दे दी। इसके कुछ दिन बाद ही भाजपा के महानगर महामंत्री राकेश खरे की अस्पताल में मौत हो गई। चंद दिनों के भीतर हुई इन मौतों से तीर्थांकर महावीर अस्पताल विभिन्न संगठनों के निशाने पर आ गया है। राष्ट्रीय योगी सेना के प्रदर्शन के मद्देनजर सुबह से ही टीएमयू का मुख्य गेट छावनी में तब्दील कर दिया गया।

एसडीएम सदर हिमांशु वर्मा और एएसपी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। सुबह करीब दस बजे संगठन के कार्यकर्ता गेट पर पहुंच गए और धरना देने लगे। सभी ने टीएमयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने दिल्ली मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो कार्यकर्ताओं की तीखी नोकझोंक हुई। जाम बढ़ता देख पुलिस ने किसी तरह से कार्यकर्ताओं को हाईवे से हटाया।

इसके बाद सभी ने टीएमयू प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। वह लोग टीएमयू प्रशासन पर मानव तस्करी का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि एक यहां पर भर्ती एक भाजपा नेता ने मौत से पहले वीडियो वायरल कर इसका खुलासा भी किया था। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। करीब ढ़ाई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने जांच का हवाला देते हुए मामले को शांत कराया।

 

 

 

 

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