Good News: बरेली की वेरी-वेरी स्पेशल इशिका के हौसले को सलाम...आईक्यू लेवल 40 था फिर भी 18 पदक जीते
नेशनल फ्लोरबॉल चैंपियनशिप में यूपी की टीम को गोल्ड दिलाने वाली इशिका का इरादा अब राष्ट्रीय टीम में खेलने का
शब्या सिंह तोमर/बरेली, अमृत विचार। इशिका कोचर का आईक्यू स्तर 40 प्रतिशत है लेकिन हौसला इतना लाजवाब है कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबाल, हैंडबॉल और फ्लोरबॉल प्रतियोगिताओं में अब तक 18 पदक जीत चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने यूपी की ओर से खेलते हुए दिल्ली में 25 से 30 जनवरी तक हुई स्पेशल बच्चों की नेशनल फ्लोर बॉल प्रतियोगिता में टीम को गोल्ड मेडल दिलाया है। अब वह राष्ट्रीय टीम में अपने चयन के लिए तैयारी कर रही हैं।
सिर्फ इशिका नहीं, उनकी मां कमलजीत कौर का हौसला भी बेमिसाल है। कमलजीत के पति मनमीत सिंह की दस साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है। तभी से इशिका और दूसरी बेटी साइना को कमलजीत अकेले संभाल रही हैं। सुभाषनगर में रहने वाली कमलजीत कौर पेशे से शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही इशिका दूसरे बच्चों से अलग थी। वह काफी उत्तेजित रहती थी और उसे चोट का एहसास भी नहीं होता था। कितना खाना है, कैसे कपड़े कैसे पहनने हैं, इससे भी बेखबर रहती थी।
कमलजीत कौर के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ इशिका की समझदारी भी नहीं बढ़ी। स्कूल भेजने के बाद वह दूसरे बच्चों के साथ तालमेल नहीं बना पाई। पढ़ने में बहुत ज्यादा समस्याएं आने लगीं। डॉक्टर की सलाह पर उसका आईक्यू टेस्ट कराया तो वह 40 प्रतिशत से भी कम निकला। उन्हें सौ फुटा रोड पर स्पेशल बच्चों को उनकी जरूरतों और टैलेंट के मुताबिक सिखाने वाली एक संस्था के बारे में पता चला तो उन्होंने इशिका को उसमें भर्ती करा दिया। इसके बाद इशिका में बदलाव आना शुरू हो गया। खेल और कला में उसका शुरू से से रुझान था, इस संस्था में उसकी इसी प्रतिभा को निखारा गया।
अब 25 की हो चुकीं इशिका फ्लोर बॉल के अलावा वॉलीबाल और हैंडबॉल भी बहुत अच्छा खेलती हैं। अब तक जीते गए 18 पदक इशिका के हौसले की ही निशानी हैं। कमलजीत कौर बताती हैं कि इशिका अब राष्ट्रीय टीम में अपने चयन के लिए तैयारी कर रही हैं।
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