अमेठी: ...जब हैंडपंपों के हलक सूखे, तो कैसे बुझेगी राहगीरों की प्यास? ज्यादातर को है रीबोर की दरकार!
जायस, अमेठी। अगर आप बहादुरपुर चौराहे आ रहे हैं, तो पेयजल का इंतजाम करके ही आएं। अन्यथा 10 से 20 रुपये प्रति बोतल बंद या दो रुपये का पानी पाउच खरीदने के लिए तैयार रहें, क्योंकि राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए चौराहे के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैंडपंप खराब हो चुके हैं।
साथ ही करीब आधा सैकड़ा सरकारी हैंडपंप रिबोर होने का इंतजार कर रहे हैं। अब लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि खूद सूखे हलक वाले हैंडपंप राहगीरों की प्यास कैसे बुझा पाएंगे? ऐसे में बहादुरपुर चौराहे पर आने वाले अधिकांश लोगों को प्यास बुझाने की कीमत अदा करनी पड़ रही है। गर्मी में लोगों के सामने पेयजल का संकट गहरा रहा है। शुक्रवार को टीम ने पड़ताल की तो कई हैंडपंप शोपीस बने नजर आए।
नेशनल हाइवे पर लगा हैंडपम्प बना शोपीस
बहादुरपुर में नेशनल हाइवे पर स्थित पूरे दिखित मोड़ पर खराब पड़ा हैंडपंप जायस क़स्बा को आने जाने वाले लोगों लेकर आमजनों का आवागमन रहता है। यहां पर पहले प्यास से व्याकुल लोग हैंडपंप से ठंडा पानी पीकर अपनी प्यास बुझा लेते थे, लेकिन हैंडपंप खराब होने की वजह से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हिंदुस्तान धर्म कांटे के पीछे लगा है बदहाल हैंडपंप
इलाके में व्यस्ततम चौराहों की गिनती बहादुरपुर चौराहा का नाम शुमार किए बिना पूरी नहीं हो सकती है। यहां पर रायबरेली, लखनऊ, मोहंगनज, तिलोई, सुल्तानपुर आदि रूटों के साथ स्थानीय रूटों के लिए भी सवारियां मिलती हैं। यहां पेयजल के लिए लगा एकमात्र हैंडपंप खराब होने की वजह से यात्री पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं।
पुलिस चौकी के सामने मुंह चिढ़ा रहा हैंडपंप
बहादुरपुर चौराहा के बारे में बताने की जरूरत नहीं है, चहुंओर जोड़ने वाले इस चौराहा पर चौकी बहादुरपुर के सामने लगा हैंडपंप लोगों को चिढ़ा रहा है। रेलवे स्टेशन जायस जाने वाले यात्रियों व चौराहे के स्टेशन रोड़ पर दो दर्जन से अधिक दुकानदारों की प्यास बुझाने का एक मात्र हैण्डपम्प है, पानी तो उगल रहा है, लेकिन पीने बदबूदार पानी पीने से लोग पहरेज कर रहे हैं। इससे प्यासे लोग मजबूरी में खरीद कर पानी पी रहे हैं।
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