Kanpur: चर्चित किसान बाबू सिंह हत्याकांड का आरोपी प्रियरंजन दिवाकर पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचा, सूट-बूट में आया नजर

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में गुरुवार को पुलिस कमिश्नर से मिलने प्रियरंजन दिवाकर पहुंचा

कानपुर, अमृत विचार।  चकेरी में करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी से हड़पने पर क्षुब्ध किसान बाबू सिंह यादव ने आत्महत्या कर ली थी। घटना में डॉ प्रियरंजन अंशु दिवाकर को मुख्य साजिशकर्ता माना गया था।

किसान की मौत के मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर छूटे एक लाख के इनामिया डॉ प्रियरंजन गुरुवार को पुलिस ऑफिस पहुंचे।

इस दौरान पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर मुकदमे से संबंधित अपनी बेगुनाही के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उन्हें सपा नेताओं के इशारे पर फंसाया गया है। कहा हाल में ही उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा भी दर्ज कराया गया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। 

गुरुवार सुबह तकरीबन 10.30 बजे डॉ प्रियरंजन अपने अधिवक्ता के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से मुलाकात की।

प्रियरंजन ने बताया कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मिलकर हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत और खुद को बेगुनाह होने के साक्ष्य दिखाए। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं के इशारे पर हाल ही उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया। जो उन्हें निर्दोष साबित करने का सबसे बड़ा प्रमाण है।

बताया कि हमें फंसाने में सबसे बड़ा हाथ उन्हीं का है, जिसे हाल ही में सपा मुखिया ने टिकट दिया है। ये वहीं हैं जिसके चेले ने बाबू सिंह की जमीन हड़प कर अपनी पत्नी के नाम कर दी थी। इसके सारे दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।

प्रियरंजन ने पुलिस कमिश्नर से कहा कि वह फरार नहीं थे बस हाईकोर्ट के शरण में थे। उनकी किसान बाबू सिंह यादव के परिवार से कोई लड़ाई नहीं है। ये लड़ाई सपा नेताओं से है। वर्ष 2012 में जो जमीन सपा नेता ने अपने गुर्गे से कब्जा कराया था।

वह ही उसे बचा रहे थे, इसका प्रमाण भी उनके पास है। कहा कि बाबू सिंह यादव की बेटियां रूबी और काजल लगातार गलत आरोप लगा रही हैं। हाल ही में उनके ऊपर गलत आरोप लगाकर एक और मुकदमा दर्ज करा दिया गया। कहा कि बाबू सिंह की बेटियों के साथ उनकी हमदर्दी है। वह ऐसा क्यों कर रही हैं वह नहीं जानते।

उनकी बेटियां किसी गलत फैमी की शिकार हैं। कहा कि सरकार भाजपा की है, आरोपी जरूर जेल जाएंगे। वहीं प्रियरंजन की जानकारी होने पर मीडिया कर्मी कवरेज करने पहुंच गए। जहां उसका वीडियो और फोटो करने पर पुलिस ने कवरेज न करने के लिए कहते हुए साफ मना कर दिया। 

मां के साथ दोनों बेटियां भी पहुंची पुलिस ऑफिस

डॉ प्रियरंजन के पुलिस ऑफिस पहुंचने की सूचना किसान बाबू सिंह के परिवार को लग गई। उनकी पत्नी बिटान देवी दोनों पुत्रियों रूबी और काजल के साथ पुलिस ऑफिस पहुंची। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मिलने की बात कही।

पुलिस कमिश्नर से मिलकर पूछा कि प्रियरंजन की बेल कैसे खारिज की जाएगी। वह यहां उनसे क्यों मिलने आया था। आरोप था कि प्रियरंजन की फरारी और गिरफ्तारी न होना पुलिस की घोर लापरवाही है। वह प्रियरंजन की जमानत खारिज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। 

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