पीलीभीत: भाजपा सांसद ने लिया संज्ञान, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को लिखा पत्र...जानें मामला

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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के सामने सड़क पर प्रसव में नवजात की हुई थी मौत

पीलीभीत, अमृत विचार। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के सामने सड़क पर हुए प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में दोषियों पर कार्रवाई न होने पर भाजपा सांसद वरुण गांधी ने नाराजगी जताई है। सीएमओ की ओर से पूर्व में प्राचार्य को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए जिलाधिकारी को प्रकरण में जल्द से जल्द कार्रवाई कराकर अवगत कराने के लिए पत्र लिखा है।

जानकारी के अनुसार घटना सात फरवरी को हुई थी। बरेली जिले के थाना हाफिजगंज क्षेत्र के गांव पृथ्वीपुर निवासी कृष्णपाल की नौ माह की गर्भवती पुत्रवधू सुमन को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार वाले ई-रिक्शा से मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। आरोप है कि महिला को इमरजेंसी स्टाफ ने न तो भर्ती किया न ही कोई मदद की। 

इमरजेंसी के सामने ही सड़क पर कुछ महिलाओं की मदद से प्रसव कराया गया, जिसमें नवजात की मौत हो गई थी। शासन स्तर से भी प्रकरण में रिपोर्ट तलब की गई थी। एसीएमओ और पुरुष अस्पताल के सीएमएस से कराई गई जांच से सीएमओ असंतुष्ट हुए थे और मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को घटना के दिन इमरजेंसी में कार्यरत स्टाफ पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। मगर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। 

अब इस मामले में भाजपा सांसद वरुण गांधी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जिसमें घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा है कि ये घटना स्वस्थ समाज की दिशा में बढ़ते सरकार के प्रयासों के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व अक्षम्य कृत्य है। प्रकरण में सीएमओ के स्तर से इमरजेंसी स्टाफ को दोषी पाते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई है। लेकिन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के स्तर से सप्ताह भर बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे शासन -प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। दोषी चिकित्सक व स्टाफ के विरुद्ध जल्द कार्रवाई करते हुए अवगत कराएं। सांसद के पत्र को लेकर इमरजेंसी स्टाफ में खलबली मच गई है।

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