शैक्षणिक प्रमाणपत्र जलाने के बाद बेरोजगार युवक ने फंदा लगाकर दी जान, बोले अखिलेश- भाजपा सरकार में नौकरी की उम्मीद बेमानी है

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Edited By Amrit Vichar
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कन्नौज/लखनऊ। जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के भूड पुरवा ग्राम में अपने सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र जलाने के बाद 28 वर्षीय बेरोज़गार शख्स ने कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार यह जानकारी दी। मृतक के परिवार के सदस्यों ने कहा कि बृजेश पाल ने हाल में पुलिस भर्ती परीक्षा दी थी और पेपर लीक होने से परेशान थे। उसने बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली। कथित ‘सुसाइड नोट’ में पाल ने अपनी आत्महत्या करने का कारण बेरोजगारी को बताया है। 

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पाल का कथित सुसाइड नोट 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार में नौकरी की उम्मीद बेमानी है। सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी आधी जिंदगी पढ़ाई में गुजर गई। उसने अपने नोट में कहा, "अब मैं परेशान हूं। जब नौकरी नहीं मिल सकती तो डिग्री का क्या फायदा।" 

उसने अपने माता-पिता का जिक्र करते हुए कहा, ''मैंने आपको धोखा दिया है'' और परिवार से कहा कि वे उसकी बहन की शादी बहुत अच्छे तरीके से करें। उसके पिता दिल्ली में निजी कंपनी में काम करते हैं और उनके पास गांव में चार बीघा ज़मीन है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। 

कोतवाली प्रभारी विष्णु कांत तिवारी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर लिखा,''ये एक बेहद दुखद ख़बर है कि बेरोजगारी की त्रासदी से निराश होकर कन्नौज में एक युवा बृजेश पाल ने फांसी लगाकर जान दे दी और और ऐसा करने से पहले उसने अपनी सारी डिग्रियां जला डालीं।” 

उन्होंने कहा, “जीवन देना कोई समाधान नहीं होता, संघर्ष ही समाधान का रास्ता निकालता है। भाजपा सरकार में नौकरी की उम्मीद बेमानी है। जो भाजपा अपनी सरकार बनाने के लिए हर हथकंडा अपनाती है, वो नौकरी देने के नाम पर क्यों मुकर जाती है।''  

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