Bareilly News: घरों में चल रहे अवैध आरओ, अब कार्रवाई की तैयारी
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बरेली,अमृत विचार: शहर और देहात में घरों में अवैध आरओ संचालित हो रहे हैं। बड़े पैमाने पर पानी का दोहन कर रहे हैं। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। शासन के आदेश पर भू-गर्भ जल विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। टीमों ने शहरी क्षेत्र में गोपनीय सर्वे कर ऐसे पांच इलाकों को चिह्नित कर लिया है। जहां अवैध आरओ की संख्या अधिक है।
एक भी आरओ संचालक ने नहीं ली एनओसी
आरओ का संचालन करने से पूर्व भू-गर्भ जल विभाग से एनओसी ली जाती है। संचालन की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्लांट में रैन वाटर हार्वेस्टिंग के पूरे इंतजाम हैं, लेकिन शहर में संचालित एक भी आरओ संचालक ने एनओसी नहीं ली है। नियमों को ताक पर रखकर आरओ संचालित किए जा रहे हैं।
गर्मी में बढ़ जाती है अवैध आरओ की संख्या
गर्मी में पानी की खपत बढ़ते ही अवैध आरओ की संख्या भी बढ़ जाती है। इसलिए शुरुआत से ही टीमें छापेमारी करने के लिए सक्रिय हो गई हैं। अगले सप्ताह से टीमें शहरी क्षेत्र में कार्रवाई शुरू कर देंगी।
अगर नहीं सुधरे तो हो जाएंगे ऐसे हालात
दक्षिण अफ्रीका की राजधानी केपटाउन को दुनिया का पहला जल-विहीन शहर घोषित किया गया है, क्योंकि वहां की सरकार ने 14 अप्रैल, 2023 के बाद पानी की आपूर्ति करने में असमर्थता जताई। वहां नहाने पर रोक लगा दी गई है। 10 लाख लोगों के कनेक्शन काटने की तैयारी चल रही है। जिस तरह देश में पंप पर जाकर पेट्रोल खरीदा जाता है, वैसे ही केपटाउन में जगह-जगह पानी के लिए टैंकर होंगे।
वहां प्रति व्यक्ति को 25 लीटर पानी मिलेगा। ज्यादा पानी मांगने या पानी लूटने वालों के लिए पुलिस और सेना तैनात की गई है। अगर पानी का अतिदोहन करते रहे तो यहां भी ऐसे हालात बन सकते हैं, इसलिए जल संरक्षण के लिए जागरूक होने की जरूरत है।
शहर में बड़ी संख्या में अवैध आरओ का संचालन किया जा रहा है। जिससे भू-गर्भ जल स्तर पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसकी रोकथाम के लिए टीमें गठित की गईं हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी---गणेश नेगी, सीनियर हाइड्रियोलॉजिस्ट, भू-गर्भ जल विभाग।
ऐसे रोकें जल दोहन
प्रतिदिन कार और बाइक न धोएं , आंगन, सीढ़ी व फर्श धोने में पानी का कम से कम इस्तेमाल करें, नल को लगातार चालू न रखें, सड़कों को पानी से न धोएं, गमलों में अधिक पानी न डालें, नहाने, कपड़े धाेने में जरूरत के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करें, रैन वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाएं आदि।
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