केजीएमयू: पेट की इस गंभीर बीमारी से पीड़ित 3 से 5 मरीज रोजाना पहुंच रहे ट्रामा, जागरूकता की कमी बन रही वजह
लखनऊ, अमृत विचार। पेट फूलने समस्या, भोजन का न पचना, बार-बार उल्टी करने की इच्छा होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, यह अग्नाश्य में सूजन यानी की एक्यूट पैन्क्रियाटाइटीस के लक्षण हो सकते हैं। इस तरह की बीमारी में देर होने पर इलाज के लिए आईसीयू की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन यदि समय रहते इस बीमारी की जानकारी हो जाये। तो इसमें मरीज को भर्ती कर इलाज दिया जा सकता है। यह जानकारी केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. कुशाग्र गौरव भटनागर ने अमृत विचार के साथ हुई बातचीत के दौरान दी है।
डॉ. कुशाग्र के मुताबिक ट्रामा सेंटर में रोजाना 3 से 5 मरीज अग्नाश्य में सूजन की समस्या के चलते पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ मरीज अति गंभीर स्थिति में होते हैं। जिन्हें आईसीयू की जरूरत पड़ती है। आईसीयू में भर्ती कर उन्हें इलाज दिया जाता है। इस बीमारी को लेकर यदि लोगों में जागरुकता हो, तो बहुत से मरीजों को स्थिति गंभीर नहीं होगी। डॉ कुशाग्र गौरव भटनागर ने बताया कि अग्नाशय में संक्रमण होने से सूजन हो जाती है, इसके दो कारण होते है। पहला कारण पित्त की थैली में पथरी होना और दूसरा कारण शराब का अत्यधिक सेवन करना है।
उन्होंने बताया कि अग्नाशय में संक्रमण होने से खाना पचाने वाला पाचक रस आंतों में ना जाकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने लगता है। जिससे खाना पचता नहीं है, शरीर में सूजन, उल्टी, बीपी का बढ़ना पेट फूलना आदि समस्याएं व्यक्ति को होने लगती है। स्थिति गंभीर होने पर करीब 20 से 30 प्रतिशत मरीजों को आईसीयू की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में सही इलाज ना मिले तो उनके जीवन को खतरा हो सकता है।
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