संस्कृत बोर्ड परीक्षा: GIC में धड़ल्ले से नकल, केंद्र व्यवस्थापक समेत पांच के खिलाफ एफआईआर
प्रतापगढ़,अमृत विचार। संस्कृत बोर्ड परीक्षा में जिम्मेदार कक्ष निरीक्षक ही धड़ल्ले से नकल करा रहे हैं। सीरीज, गाइड और मोबाइल लेकर परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा की निगरानी के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा किया जा रहा है। इस बात की जानकारी डीएम को हुई। जानकारी होने पर डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
जनपद में दस केंद्रों पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू है। पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा कक्षा की परीक्षाएं कराई जा रही हैं। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
शनिवार को जीआईसी में खुलेआम हो रही नकल का मामला प्रकाश में आया। प्रथम पाली में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थी बिना डर के सीरीज, गाइड और मोबाइल लेकर नकल करते पाए गए। चंद कदम की दूरी पर स्थित डीआईओएस कार्यालय को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कुलश्रेष्ठ तिवारी परीक्षा कक्ष में जाना उचित नहीं समझे।
हालांकि डीआईओएस सरदार सिंह परीक्षा केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज का तीन बार निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद भी उनको खामियां नहीं दिखी। राजकीय इंटर कालेज में शनिवार को संस्कृत बोर्ड की परीक्षाओं में नकल का मामला सामने आने पर डीएम संजीव रंजन ने डीआईओएस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
डीएम के निर्देश पर डीआईओएस सरदार सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। डीआईओएस सरदार सिंह ने संज्ञान में आए नकल प्रकरण में रविवार को वित्त एवं लेखाधिकारी, जीआईसी शेखूपुर के प्रधानाचार्य और पंडित दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कालेज महुली के प्रधानाचार्य को जांच की जिम्मेदारी दी है।
केंद्र व्यवस्थापक को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त करते हुए रंजन प्रताप प्रवक्ता जीआईसी पूरब गांव को नया केंद्र व्यवस्थापक बनाया है। डीआईओएस सरदार सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक रहे संतोष कुमार शुक्ल, कक्ष निरीक्षक आलोक कुमार पांडेय, नीलम त्रिपाठी, अभिषेक त्रिपाठी एवं ज्योति दुबे के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई गई है,जांच चल रही है।
न सीसीटीवी कैमरा,न ही सचल दल..जिम्मेदार बेपरवाह
संस्कृत बोर्ड परीक्षा मनमाने ढ़ंग से कराई जा रही है। परीक्षा की निगरानी के लिए केंद्र पर न ही सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई है और न ही सचल दल की। सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए जांच दिखाया जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित राजकीय इंटर कॉलेज में खुलेआम हो रही नकल से साफ पता चलता है कि इस अव्यवस्था का कारण जिम्मेदार ही है।
परीक्षा में किसी तरह की लापरवाही व छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीआईसी में संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में नकल की जानकारी होने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है.., संजीव रंजन, जिलाधिकारी प्रतापगढ़।
