गोंडा: 272 स्कूल नहीं दे रहे 1.50 लाख बच्चों का डाटा, लापरवाही पर BSA ने इन अधिकारियों को जारी किया नोटिस...
गोंडा। यू डायस पोर्टल पर बच्चों के डाटा फीडिंग में खंड शिक्षा अधिकारियों की शिथिलता भारी पड़ रही है। लापरवाही के चलते अब तक 272 स्कूलों ने डाटा फीडिंग का काम नहीं प्रारंभ किया है। इन स्कूलों की लापरवाही से 1.50 लाख बच्चों का डाटा नहीं मिल रहा है। इस पर बीएसए ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी 17 खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
भारत सरकार के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का विवरण एक जगह पर इकट्ठा करने के लिये उनका डाटा प्रति वर्ष यू डायस पोर्टल (एकीकृत सूचना प्रणाली) पर अपलोड किया जाता है। इसके तहत स्कूल संचालकों को तीन तरह की प्रोफाइल तैयार करनी है। पहली स्कूल प्रोफाइल जिसमें स्कूल के पूरे विवरण के साथ उपलब्ध संसाधनों की जानकारी, स्कूल में कार्यरत शिक्षकों का विवरण व स्कूल में नामांकित बच्चों का पूरा डाटा इस पोर्टल पर अपलोड करना होता है, लेकिन कई स्कूल ऐसे हैं जो इस पोर्टल पर विवरण अपलोड करने में हीला हवाली कर रहे हैं।
बीएसए के स्तर से कई बार इन स्कूलों को नोटिस जारी कर इस कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया गया लेकिन स्कूल संचालक इसे हर बार दरकिनार कर दे रहे हैं। संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे है। जिले में संचालित 4695 स्कूलों में से अभी भी 272 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने डाटा फीडिंग का काम ही नहीं प्रारंभ किया है। इस लापरवाही से इन स्कूलों में नामांकित 1.51 लाख बच्चों का डाटा नहीं फीड हो सका है।
अफसरों की शिथिलता के कारण स्टेट रैंकिंग में जिला 42 वें स्थान से खिसककर 57 वें स्थान पर पहुंच गया है। बेसिक शिक्षा सचिव ने इस पर नाराजगी जताई है। इस नाराजगी के बाज बीएसए ने सभी 17 खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी कर 27 फरवरी तक इस कार्य को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कार्य पूरा नही हुआ तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का उत्तरदायित्व तय किया जायेगा।
झंझरी व मनकापुर सबसे फिसड्डी
यू डॉयस पोर्टल पर डाटा फीडिंग में झंझरी व मनकापुर सबसे फिसड्डी पाए गए हैं। झंझरी में 46 व मनकापुर में 41 स्कूलों ने अभी काम नहीं प्रारंभ किया है। इनके अलावा बेलसर में 36, तरबगंज में 35 , हलधरमऊ में 29 व रुपईडीह में 23 स्कूलों ने भी डाटा फीडिंग का काम नहीं शुरू किया है।
ड्रॉपबॉक्स में पड़े हैं 1.60 लाख छात्र
यू डॉयस पोर्टल पर 1.60 लाख छात्र ड्रॉप बॉक्स में पड़े हैं। यह ऐसे छात्र है जो एक स्कूल को छोड़कर दूसरे स्कूल में प्रवेश ले चुके हैं लेकिन पहले वाले स्कूल की तरफ से इनका डाटा दूसरे स्कूल को इंपोर्ट नहीं किया गया है। डाटा इंपोर्ट न होने से इन बच्चों की इंट्री पेंडिग दिखा रही है। एमआईएस इंचार्ज जगदीश शरन गुप्ता का कहना है इंट्री इंपोर्च न होने से यह यह स्टूडेंट ड्रॉप बॉक्स में दिख रहे हैं। अगर इनका डाटा इंपोर्ट नहीं किया जाता तो भारत सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हो जायेंगे।
यू डॉयस पोर्टल पर डाटा फीडिंग न करने वाले 272 स्कूलों को नोटिस जारी कर फीडिंग का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों को भी नोटिस भेजी गयी है। 27 फरवरी तक काम पूरा नहीं हुआ तो सभी का उत्तरदायित्व तय करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जायेगी।
प्रेमचंद यादव, बीएसए

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