Bareilly News: दरोगा-सिपाही की गिरफ्तारी के लिए न बनी कोई टीम, न कहीं दबिश, सभी आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बेकरी मालिक को लड़की के चक्कर में फंसाकर सात लाख रुपये की डील करने वाले किला पुलिस चौकी के इंचार्ज सौरभ कुमार, सिपाही कोलेंद्र और तीन फर्जी पत्रकारों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज हो गई लेकिन गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे बाद भी न कोई टीम बनी, न कहीं दबिश दी गई।

इस बीच इतना जरूर साफ हुआ कि फर्जी पत्रकारों के ब्लैकमेलिंग के गैंग में कई और लड़कियां भी शामिल थीं और अक्सर पुलिस की मदद से लोगों को ब्लैकमेल किया जाता था।

परसाखेड़ा में बेकरी चलाने वाले रामपुर के शहजादनगर इलाके में रहने वाले मुस्तकीम को शनिवार को इस गैंग ने फंसाया था। उन्हें एक होटल में बुलाकर सानिया नाम की युवती से मिलवाया गया और फिर किला चौकी इंचार्ज सौरभ कुमार और सिपाही कोलेंद्र की मदद से दुष्कर्म के केस में जेल भेजने की धमकी देकर सात लाख रुपये में सौदा किया गया। मुस्तकीम डायल 112 पर फोन करने के बाद बमुश्किल ब्लैकमेल होने से बच पाए। 

शनिवार रात एसएसपी के आदेश पर इसके बाद चौकी इंचार्ज और सिपाही के साथ सानिया नाम की युवती और फर्जी पत्रकार नावेद, चांद अल्वी और गुलाम साबिर आजाद के खिलाफ थाना किला में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

पुलिस ने इस मामले में एफआईआर तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि चौकी इंचार्ज और सिपाही थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी काफी देर तक चौकी में ही मौजूद रहे। इसके बाद निकल गए। चौकी इंचार्ज के साथ युवती और तीनों फर्जी पत्रकारों की गिरफ्तारी के लिए भी अब तक कोई दबिश नहीं दी गई है। बता दें कि किला चौकी और गढ़ी पुलिस चौकी का इलाका पहले से जुए और सट्टे के लिए बदनाम हैं।

पत्रकार के चोले में थाना सीबीगंज का हिस्ट्रीशीटर
युवतियों के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गैंग का सरगना बताया जा रहा गुलाम साबिर आजाद थाना सीबीगंज का हिस्ट्रीशीटर है। अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। कुछ दिन पहले इज्जतनगर इलाके में भी गुलाम साबिर और उसके गिरोह ने स्कूल मालिक से वसूली की कोशिश की थी। इस मामले में स्कूल मालिक ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पत्रकार का चोला पहनकर वह लगातार ब्लैकमेलिंग का गैंग चलाता रहा। पुलिस के साथ भी उसकी नजदीकी बनी रही।

किसान की हत्या करने वाले पुलिस वालों की भी नहीं किया गया था गिरफ्तार
नवंबर में दिवाली से पहले जुआ लूटने निकली देवचरा चौकी की पुलिस ने गांव आलमपुर जाफराबाद में किसान संतोष शर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। चौकी इंचार्ज समेत कई पुलिस वाले जुआरियों को पकड़ने के लिए एक एंबुलेंस से गांव पहुंचे थे लेकिन जुआरी दूर से ही उन्हें देखकर भाग निकले। पुलिस वालों ने इसके बाद इधर से गुजर रहे संतोष को पकड़कर जुआरियों का नाम बताने को कहा। उन्होंने इन्कार किया तो उन्हें इतना पीटा कि उनकी मौत हो गई। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपी पुलिस वालों को गिरफ्तार नहीं किया। लंबे समय बाद वे खुद कोर्ट में हाजिर होकर जेल चले गए।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इस तरह के गिरोह चलाने वालों के खिलाफ पुलिस अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी।- घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी

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