Bareilly News: दो साल बाद सैंपल फेल की आई रिपोर्ट तब तक बीस हजार मरीज खा चुके थे अधोमानक दवा, अधिकारियों में मची खलबली
बरेली, अमृत विचार। सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यूपी मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन की ओर से वर्ष 2022 में सरकारी अस्पतालों को हृदय रोग संबंधी दवा भेजी गईं थी।
करीब बीस हजार मरीजों ने दवा खा भी ली लेकिन अब सैंपल फेल होने पर इसे वापस मंगाने का आदेश जारी किया गया है। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास आठ फरवरी को दवा वापस मांगने का पत्र स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच गया था।
अधिकारियों के अनुसार मेटोप्रोलोल दवा जांच में अधोमानक मिली है। इसकी आपूर्ति रिलीफ बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने यूपी मेडिकल सप्लाइज काॅरपोरेशन को की थी। प्रदेश के सभी जिलों में 10 लाख के करीब टेबलेट सप्लाई की थीं, जिसमें बरेली मंडल को 50 हजार टेबलेट मिली थीं, जिसमें बरेली को 20 हजार और मंडल के अन्य जिले बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर को 10-10 हजार टैबलेट दी गईं थीं।
मेरठ में हुई जांच, दवा मिली अधोमानक
भदोही के एफएसडीए विभाग ने नवंबर 2023 मेटोप्रोलोल दवा का सैंपल ड्रग वेयर हाउस से लिया था। उसकी जांच मेरठ लैब में हुई। जांच रिपोर्ट में दवा अधोमानक निकलने के बाद कॉरपोरेशन ने लेटर जारी कर दवा को वापस मांगा है।
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