रिश्वतखोरी : रोडवेज के आरएम की गिरफ्तारी के लिए मांगी अनुमति, शासन को भेजी रिपोर्ट
एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों पैसे लेते हुए दबोचा था बाबू को
बरेली, अमृत विचार। निजी बस मालिक से एग्रीमेंट के रिन्युवल के लिए 10 हजार रुपये लेते हुए रोडवेज के बाबू को रंगे हाथों गिरफ्तार करने वाली एंटी करप्शन की टीम की जांच में आरएम दीपक चौधरी भी फंस गए हैं। उन्हीं की साठगांठ से रिश्वत लिए जाने की पुष्टि होने के बाद अब शासन को रिपोर्ट भेजकर उनकी गिरफ्तारी की अनुमति मांगी गई है।
आरएम कार्यालय के बाबू जगमोहन यादव को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने 25 मई 2023 को एक निजी बस मालिक से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। थाना सुभाषनगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद 26 मई को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। बाद में उसे निलंबित भी कर दिया गया। जगमोहन ने बस मालिक से यह पैसा बस के एग्रीमेंट का रिन्युवल कराने के लिए मांगा था। इस मामले की विवेचना के दौरान अब पुष्टि हुई है कि बाबू जगमोहन यादव ने आरएम दीपक चौधरी की साठगांठ से ही रिश्वत ली थी।
एंटी करप्शन के अधिकारियों के मुताबिक जांच में पाया गया कि जगमोहन बस मालिक से रिश्वत लेने से पहले आरएम के कार्यालय में गए थे और उनसे फाइल पास कराकर लौटे थे। इसके बाद उन्होंने बस मालिक को फाइल दिखाकर रुपये लिए। इससे साफ जाहिर है कि रिश्वत आरएम की सहमति से ही ली गई थी। इसके अलावा आरएम के इस रिश्वतखोरी में शामिल होने के कुछ और भी प्रमाण मिले हैं। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजकर आरएम की गिरफ्तारी की अनुमति मांगी गई है।
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