नगर निगम बोर्ड की बैठक : मनमाने कर निर्धारण पर सदन में सदस्यों ने घेरा, विधान परिषद सदस्य ने भी कार्यशैली पर उठाया सवाल
नाला सफाई, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में खामियां सदन में गूंजी, पार्षदों ने सदन में अधिकारियों के द्वारा पार्षदों के प्रस्ताव को गंभीरता से न लेने पर नाराजगी जताई
मुरादाबाद। नगर निगम बोर्ड की बैठक महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में शुरू हुई। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल, नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति डा. गौरव श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। उप नेता सदन सुरेंद्र विश्नोई ने सबसे पहले अपनी बात रखी। पिछली बैठक 27 सितंबर को हुई बैठक के कार्यवाही की पुष्टि का प्रस्ताव रखा। आउटसोर्सिंग से तैनात सफाई कर्मचारियों को दिए जा रहे वेतन की जानकारी देने की मांग की।
जवाब मिला कि 451 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि 22 जून 2023 को हुई बैठक में मांगे गए सवाल का जवाब अभी तक न देने पर नाराजगी जताई। बिना सदन में चर्चा किए प्रोसीडिंग में अतिरिक्त जोड़ पर आपत्ति जताई। महापौर ने इसे घोर आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कांठ रोड पर बने बिल्डिंग पर मनमानी तरीके से टैक्स लगाने पर नाराजगी जताई। रामगंगा विहार में भी ऐसी अनियमितता उठाई। महापौर ने मिडटाउन क्लब के करारोपण का सवाल उठाया। नगर आयुक्त ने पत्रावली की जांच कर जिम्मेदारी तय कर कारवाई करने का आश्वासन दिया
विधान परिषद सदस्य डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि सदन में नगर निगम की जनता के लिए सभी आवाज उठा रहे हैं यह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अब आचार संहिता लागू होने वाली है कि इससे अगली बैठक जून में ही हो पाएगी। इसलिए रुटीन के कार्य बाधित न हो इसकी व्यवस्था अभी से कर ली जाए। उन्होंने अपने वार्ड में समस्या के अस्थाई समाधान होने की जानकारी दी। कहा कि इसका स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने बुद्धि विहार फेज टू में जहां नगर निगम का क्षेत्र भी नहीं है। निगम के कर्मचारियों द्वारा दादागिरी करने वालों पर कारवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जहां निगम क्षेत्र है ही नहीं वहां जाकर टैक्स वसूलने का औचित्य क्या है। इसे सुनिश्चित करना होगा
पार्षद गौरव श्रीवास्तव ने जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में मनमानी और ट्री गार्ड लगवाने के लिए कहा। उन्होंने इसके लिए 15वें वित्त से 40 लाख रुपए का प्रस्ताव करने के लिए कहा। पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि वह नालों की सफाई संबंधी कार्य से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समस्या जस की तस बनी है। एक करोड़ 78 लाख रुपये का ठेका हुआ है फिर भी समस्या बनी है। जानकारी दी गई कि 32 नालों की सफाई के लिए दोबारा टेंडर किया गया है।
हाईवे का कूड़ा एक खाली प्लाट में डालने पर पार्षद ने सवाल उठाया। महापौर ने एई रईस अहमद से जवाब मांगा। कांग्रेस के पार्षद अनुभव मेहरोत्रा ने कहा कि उनके द्वारा एक जगह पत्थर लगाने की मांग एक साल पहले किया गया था लेकिन अब तक नहीं किया गया। 2015 से 2020 तक बने जन्म प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। इसका समाधान कराया जाए। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि कोई प्रमाणपत्र निरस्त नहीं किया गया है। इसका सत्यापन कर सीआरएस पोर्टल पर बनाया जा रहा है।
महापौर ने 30 से 40 प्रतिशत कम दर पर टेंडर आने और इसमें गुणवत्तापूर्ण काम कैसे होगा इस पर हैरानी व चिंता जताई। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि नगर आयुक्त ने पहले ही व्यवस्था दी है कि 15 प्रतिशत से कम रेट पर टेंडर आने पर स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
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