कुत्तों का आतंक! 24 घंटे में 350 लोग डॉग बाइट का शिकार...नगर निगम बेखबर
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद में इन दिनों लोग कुत्तों के आतंक से खौफ में हैं। जिले में शहरी इलाके हो या फिर ग्रामीण बस्तियां गली, मोहल्ले, चौराहे या पॉर्श कालोनी में रहने वाले लोग सभी आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। आलम ये है की जिला अस्पताल में हर रोज कुत्तों के काटने से एंटी रेबीज वेकसीन (ARV )के 150 से अधिक पीड़ित पहुंच रहे हैं। मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल में डॉग बाइट के बाद एंटी रेबीज वेकसीन लगवाने के लिए मरीजों की लंबी कतार दिखाई दी। वहां मौजूद डॉग बाइट पीड़ित शहरी इलाके से लेकर ग्रामीण इलाकों तक से आए थे। नगर निगम भी आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी कराने में ढिलाई बरते हुए है। नगर निगम की लापरवाही का खमियाजा डॉग बाइट का शिकार हुए पीढ़ितों को उठाना पढ़ रहा है। निगम की आंकड़ों की बात की जाए तो महानगर में 42 हजार के करीब आवारा कुत्ते हैं जबकि निगम अभी तक 50 प्रतिशत ही कुत्तों की नसबंदी करा पाया है।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन आ रहे 150 से अधिक मरीज
जिला अस्पताल में तैनात फामेसिस्ट और ARV इंचार्ज निश्चिल भटनागर ने बताया की हर रोज जिला अस्पताल में तकरीबन 100 से अधिक डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि पुराने मरीजों की तादाद 50 से अधिक है। उनके मुताबिक प्रतिदिन 150 से 200 के करीब मरीज उनके पास आ रहे हैं। उन्होंने बताया की इन दिनों सबसे ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक 04 मार्च में 200 मरीज़ डॉग बाइट के आए हैं। उन्होंने बताया इस समय शहर में आवारा कुत्तों की तादाद बहुत बढ़ चुकी है। बताया की नागर निगम को जल्द ही आवारा कुत्तों का रेस्क्यू कर उनकी नसबंदी करानी चाहिए या उन्होंने जंगल में छोड़ देना चाहिए।

नगर निगम की लापरवाही का खमियाजा उठा रहे डॉग बाइट के शिकार पीड़ित
दौलत बाग निवासी डॉग बाइट का शिकार हुए फरमान ने बताया वो सोमवार देर शाम अगवानपुर स्थित फैक्टरी से काम कर साइकिल से वापस अपने घर के लिए लौट रहे थे। तभी पीएसी तिराहे के पास कुत्तों के झुंड में उनके ऊपर हमला कर दिया जिससे वो घायल हुए और जमीन में गिर पड़े। बुद्धि विहार निवासी अनुराग के मुताबिक शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बहुत बढ़ गया है। उन्होंने बताया वो बुद्धि विहार अपने घर से बाहर टहलने निकले थे तभी आवारा कुत्ते ने उनकी टांग नोच ली। उन्होंने बताया उनके इलाके में आवारा कुत्तों की तादाद बहुत बढ़ गई है। नगर निगम को चाहिए वो आवारा कुत्तों का रेस्क्यू कर नसबंदी कराएं जिससे आवारा कुत्तों के आतंक से इलाके के लोगों को राहत मिले।
