लखनऊ: नर्स बोली मरीज को इमरजेंसी में रखो.. जिंदा रहे या मरे..., जानें पूरा मामला
बलरामपुर अस्पताल के आईसीयू में बीएड खाली होने के बावजूद मरीजों को नहीं दिए जा रहे
लखनऊ, अमृत विचार। बलरामपुर अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। आईसीयू में बेड खाली होने के बावजूद मरीजों को नहीं दिए जा रहें है। तीमारदारों के विरोध करने पर स्टॉफ द्वारा अभद्रता की जा रही है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को भी सामने आया।
एक तीमारदार अपने बच्चे को आईसीयू में शिफ्ट कराने के लिए आईसीयू स्टॉफ सामने गिड़गिड़ा रहा था। नर्स तीमारदार की एक बात सुनने को राजी नहीं हुई। इसे लेकर काफी देर तक वहां पर बहस भी हुई। आरोप है इस दौरान एक नर्स बोली मरीज इमरजेंसी में रखो जिंदा रहे या मरे।
दरअसल बहराइच का रहने वाला मरीज हिमांशु (14) को करीब तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज बाद भी मरीज की हालत सुधरने की बजाए बिगड़ रही थी। मंगलवार सुबह डॉक्टर डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर उसे आईसीयू में शिफ्ट कराने को कहा। तीमारदार आईसीयू में तीन-चार बार गए। लेकिन, मरीज को शिफ्ट नहीं किया गया।
दोपहर करीब एक बजे तीमारदार आईसीयू के डॉक्टर-स्टॉफ रूम पहुंचे। मरीज को शिफ्ट कराने की मिन्नतें की। स्टॉफ ने इंतजार करने को कहा। इसे लेकर दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस होती रही। आरोप है कि इस बीच एक नर्स तीमारदार से बोली मरीज जिंदा रहे या मरे इमरजेंसी में रखो।
इसे लेकर वहां पर हंगामा हो गया। दूसरे स्टॉफ ने बीच बचाव करके मरीज को लाने को कहा। जिसके बाद तीमारदार शांत होकर वापस लौटे। इस मामले में अस्पताल सीएमएस डॉ. संजय का कहना है आईसीयू में बेड खाली होने पर प्राथमिकता से गंभीर मरीजों को शिफ्ट कराया जाता है। कहा जिस नर्स ने इस तरह के अपशब्द कहे हैं तो उसे नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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