बलरामपुर अस्पताल में तीन दिनों से पानी का संकट, डायलिसिस भी हो रही प्रभावित

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। बलरामपुर अस्पताल में तीन दिनों से पानी का संकट है। तीमारदार पेयजल के लिए भटक रहे है। डायलिसिस यूनिट में मरीजों की डायलिसिस के लिए भी पानी खत्म हो गया है। बाहर से पानी मंगा कर डायलिसिस की जा रही है। 

इसकी वजह यह है कि खराब हुए मोटर को तीन दिन बाद भी ठीक नहीं कराया जा सका है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की और से नगर निगम की मदद से पानी के टैंकर का बंदोबस्त किया गया गया है। लेकिन, मरीजों व तीमारदारों की संख्या अधिक होने के कारण टैंकर नाकाफी साबित हो रहे है।

बलरामपुर अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में रोजाना करीब 42 मरीजों की डायलिसिस की जाती है। 14 मरीजों की तीन शिफ्ट में डायलिसिस की जाती है। जिसमें एक मरीज में करीब 50 लीटर पानी लग जाता है। 

इसके लिए एसएसबी ब्लॉक में तीन-तीन हजार लीटर की पानी की टंकिया हैं, जो फिलहाल मोटर खराब होने के कारण खाली पड़ी हैं। इस कारण मरीजों की डायलिसिस रुक गई थी, नगर निगम का टैंकर मंगाकर पानी सप्लाई दी गई लेकिन वह भी कुछ ही देर में खत्म हो गया। इसके अलावा इमरजेंसी में भी पानी की सप्लाई नही हो रही है। वहां भी एक टैंकर मंगाकर रखा गया है जो कुछ ही देर में खत्म हो जाता है।

ऐसे में मरीजों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। एसएसबी ब्लॉक में भर्ती मरीजों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। टॉयलेट में भी पानी नहीं आ रहा इसलिए मरीजों को बाहर से पीने का पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं को टॉयलेट के लिए पानी अस्पताल के बाहर से भर कर लाना पड़ रहा है। 

पानी कि सप्लाई बंद हुई है, मरीजों को दिक्कत न हो इसके लिए टैंकर मंगाए जा रहे थे। इसके अलावा डायलिसिस के मरीजों के लिए फायर के लिए जमा किया गया पानी इस्तेमाल किया जा रहा है। मंगलवार रात तक नई मोटर लगवा दी जाएगी..,डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी अस्पताल अधीक्षक।

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