अयोध्या: रामोत्सव में गूंजा आल्हा, गरबा और कथक थिरके भक्त

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अयोध्या, अमृत विचार। रामकथा पार्क में मंगलवार शाम लखनऊ से आई निशु त्यागी के दल ने गणेश वंदना से सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। उन्होंने सोहर रामजी के करलो दर्शनवा गाया। इसके बाद हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की गाकर रामचरित के तमाम प्रसंगों को लोक नृत्यों के माध्यम से मंचित किया।

इसके बाद हीरा लाल और उनके दल ने मंच पर आते ही बुंदेली भाषा में आल्हा राम जन्म भया, जन के तारण कारे गाया। कलाकारों ने माधोगढ़ की लड़ाई भी सुनाई। लखनऊ से आई सपना सिंह के दल ने रामजन्म से लेकर राज्याभिषेक के दृश्य को सजीव अभिनय और नृत्य से प्रस्तुत किया।

कृष्ण की जन्मभूमि से आए आशीष सिंह के दल ने श्री राम चंद्र कृपालु भज मन प्रस्तुत किया। साथी कलाकारों में संजय गुप्ता, भालेराम, खुशबू जायसवाल, गौरव शामिल रहे। दिल्ली से आए दल ने रूपा रानी दास के साथ मंच से कथा शैली के प्रस्तुति दी। शुद्ध कथक झपताल जो दस मात्रा में निबद्ध थी।

कलाकारों ने पंडित बिरजू महाराज की रचना मेरी सुनो नाथ जैसी, सबका दुःख हारा पर नृत्य किया। गुजरात से आए डा हेमांग व्यास के दल ने पारंपरिक प्राचीन गरबा प्रस्तुत करके सभी को मोह लिया। नृत्य में आरोही, नित्यम, मानसी, श्वेता,श्रद्धा,जागृति नैंसी शामिल रहीं। संचालन उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने किया। कलाकारों का सम्मान समन्वयक अतुल कुमार सिंह ने किया।

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