लंगर और चादर के रुपयों से करें गरीबों की मदद: सज्जादानशीन
बरेली,अमृत विचार। दरगाह आला हजरत प्रमुख ने जिले भर की लंगर कमेटी संचालकों से कहा है कि इस बार इस्लामियां मैदान और दरगाह हजरत पर किसी तरह का लंगर ना लगाएं। कपड़े की चादर और लंगर में खर्च होने वाले पैसों से गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करें। आला हजरत 102वें उर्स-ए-रजवी का आगाज …
बरेली,अमृत विचार। दरगाह आला हजरत प्रमुख ने जिले भर की लंगर कमेटी संचालकों से कहा है कि इस बार इस्लामियां मैदान और दरगाह हजरत पर किसी तरह का लंगर ना लगाएं। कपड़े की चादर और लंगर में खर्च होने वाले पैसों से गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करें।
आला हजरत 102वें उर्स-ए-रजवी का आगाज 12 अक्टूबर से हो रहा है। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) ने जिले भर की लंगर कमेटियों से कहा है कि इस बार कोरोना महामारी के चलते दरगाह आला हजरत और इस्लामियां मैदान में लंगर लेकर न आएं, जो लोग लंगर कराना चाहते हैं, वह लोग लंगर में खर्च होने वाली रकम से जरूरतमंदों की मदद करें।
उर्स-ए-रजवी में दुनिया भर से कई मुल्कों समेत देश भर से भी जायरीन बरेली आते थे, जिसमें कुछ हवाई मार्ग से तो कुछ रेल और सड़क मार्ग से बरेली पहुंचते थे। इस मर्तबा कोविड-19 की वजह से वे लोग शामिल नहीं हो पाएंगे।
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि इन सभी लोगों से सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने पुराना शहर में हुए कार्यक्रम में अपील की है कि सफर में खर्च होने वाली रकम और आला हजरत के मजार पर कपड़े की चादर चढ़ाने से बचने वाली रकम से किसी गरीब, बेसहारा, यतीम (अनाथ), बेवा (विधवा), किसी बीमार की मदद कर दें। इसके अलावा इस रकम से आला हजरत की लिखी किताबें लोगों में तकसीम कर दें। लोगों में इल्म की शमां रोशन रहे। यही मिशन आला हजरत का था। आला हजरत ने हमेशा दीन दुखियों की मदद की। आला हजरत की बारगाह में यही सच्ची खिराज-ए-अकीदत होगी।
इस दौरान कार्यक्रम में मुफ्ती सलीम नूरी, मौलाना बशीर कादरी, हाजी जावेद खान, शाहिद नूरी, नासिर कुरैशी, औरंगजेब नूरी, अजमल नूरी, परवेज नूरी, ताहिर अल्वी, आले नबी, मुजाहिद नूरी, जोहिब रजा, नईम नूरी, इशरत नूरी, जुनैद खान, सय्यद माजिद, सय्यद एजाज, यूनुस गद्दी आदि लोग मौजूद रहे।
