Fatehpur: सरकारी अस्पतालों समेत निजी क्लीनिकों में लगी मरीजों की भीड़; बदल रहा मौसम, दे रहा बुखार, ऐसे करें बचाव...
फतेहपुर, अमृत विचार। विदा हो रही सर्दी और धूप निकलने के बीच सुबह शाम व रात में मौसम ठंडा होने के साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों में इजाफा हो रहा है। जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार बना रही है। जिला अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार कराने को पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पताल में पर्चा बनवाने डाक्टर को दिखाने तथा दवा लेने में मरीजों को लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है तो वहीं निजी अस्पतालों में डाक्टरों को दिखाने के लिए काफी समय लग रहा है।
मौसम बार-बार करवट बदल रहा है। दिन में तेज धूप निकलने के बाद भी पारा सामान्य से नीचे रहने तथा सुबह शाम व रात में ठंडी हवा के कारण मौसम के सर्द हो रहा है। बदले मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे लोग जुकाम बुखार, पेट व सीने में दर्द तथा गले के इंफेक्शन से पीड़ित होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जबकि बच्चे भी इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं।
मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र महज रेफर सेंटर बने हैं। इससे जिला अस्पताल में रोजाना मरीजों की भारी भीड़ जुट रही है। रविवार को जिला अस्पताल में ओपीड़ी बंद होने के कारण लोग निजी क्लानिकों की ओर रुख किया। जिला अस्पताल में एक दिन पूर्व शनिवार को 1052 मरीजों के पर्चे बनाए गए थे।
इससे पर्चा बनवाने, दवा लेने व डाक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में आए मरीजों में 70 फीसदी मरीज बुखार खासी व जुकाम आदि से पीड़ित थे। इनमें से कई मरीजों को जांच कराने के लिए पैथालॉजी भेजा गया। जहां मलेरिया, टाईफाइड एवं सीवीसी की जांच हुईं। तमाम मरीजों को जांच रिपोर्ट ओपीड़ी खत्म होने के बाद मिलने से उनको बैरंग लौटना पड़ा। इसी तरह से रविवार को डाक्टरों की निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ देखी गई।
बचाव के लिए रखना होगा ध्यान
-धूप के बाद भी मासूम बच्चों की हवा में मालिश न करें।
-सुबह शाम अभी गर्म कपड़े पहनना बंद न करें।
-कटे फलों, रंग बिरंगे शर्बत बाजार की बर्फ के सेवन से बचें।
-आइसक्रीम व खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
-कूलर व गमलों में भरे पानी को बराबर साफ करते रहे।
-नालियों में जला हुआ डीजल या केरोसिन डालें।
-खुले में शौच न जाएं, हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करें।
-झोलाछाप से इलाज न कराएं,डाक्टर से सलाह लेकर ही दवा लें।
-टाइफाइड, हेपेटाइटिस ,डायरिया से बचाव को स्वच्छ पेयजल लें।
