Karauli Sarkar: पूर्वजों की मुक्ति के लिए गंगा में लगाई पुण्य की डुबकी, करौली शंकर महादेव ने भी किया स्नान, तपस यात्रा खत्म

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कानपुर में करौली शंकर महादेव ने भी किया स्नान

कानपुर, अमृत विचार। नशा नाश की जननी है, न नशा करेंगे न किसी को करने देंगे के नारे के साथ करौली शंकर महादेव के सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने सोमवार को गंगा में स्नान किया। सरसैया घाट पर इस दौरान हर-हर महादेव, हर- हर गंगे और हरि- हर का उद्घोष होता रहा। 

फाल्गुन मास की अमावस्या पर रविवार को करौली शंकर महादेव धाम से हजारों श्रद्धालु तपस यात्रा में शामिल होकर विभिन्न मार्गों से होते हए सरसैया घाट पहुंचे थे। तब वहां भजन संध्या और गंगा मइया की आरती के बाद हवन पूजन किया गया था। सोमवार को सबसे पहले करौली शंकर महादेव ने गंगा स्नान किया।

इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई।  कहा कि गंगा में स्नान करते समय मन को निर्मल रखिए। करौली शंकर महादेव ने श्रद्धालुओं को पूर्वजों की मुक्ति के लाभ बताए। गंगा को प्रदूषित न करने की सीख दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया। नशा न करने की सलाह दी।

कहा कि भारत को रोग मुक्त, शोक मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए सभी को संकल्प लेना होगा। गंगा की गोद में बैठकर यह संकल्प लें कि किसी का बुरा न करेंगे  न ही सोचेंगे। स्वच्छता रखेंगे और मानव कल्याण का कार्य करेंगे। जीवों पर दया का भाव रखते हुए खुदी को प्रसन्न रखेंगे। महाराज श्री ने कहा कि गंगा की गोद में बैठने और पुण्य की डुबकी लगाने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता।

यह पुण्य अवसर मिला है तो गंगा की अविरलता और निर्मलता का कार्य भी करें। महाराज श्री ने कहा कि गंगा नदियां हमारे जीवन का आधार हैं। नदियों को गंदा नहीं करना चाहिए। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु पुन: करौली शंकर धाम पहुंचे वहां प्रवचन सुना। इस अवसर पर शंकर सेना के अध्यक्ष सुबोध चोपड़ा उपस्थित रहे।

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