Kanpur: अकबरपुर में त्रिकोणीय संघर्ष के लिए बसपा ने ब्राह्मण को उतारा; भोले व राजाराम को टक्कर देगा बसपा का यह प्रत्याशी...
कानपुर, अमृत विचार। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से राजेश द्विवेदी को प्रत्याशी घोषित किया है। इस क्षेत्र में भाजपा ने सांसद देवेंद्र सिंह भोले को तीसरी बार टिकट दिया है, जबकि सपा और कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी के रूप में पूर्व सांसद राजाराम पाल पर समाजवादी पार्टी ने दांव खेला है। इस प्रकार बसपा ने ठाकुर, पिछड़ा के मुकाबले ब्राह्मण प्रत्याशी उतारकर अकबरपुर में चुनाव को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया है।
यहां से बसपा के दो बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। पहले बसपा इस क्षेत्र से एक बार ब्राह्मण कार्ड खेल चुकी है जिसमें उसे लाभ हुआ था। अबकी बार फिर उसने यही कार्ड आजमाया है। राजेश द्विवेदी बसपा से पहले भाजपा में थे। कानपुर की करवट में बसे अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र का चुनाव जातियों की गणित पर होता आया है। यहां लगभग साढ़े 18 लाख वोटर हैं। बिठूर, कल्याणपुर, महाराजपुर, रनियां-अकबरपुर और घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इन पांचों सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।
बसपा का ब्राह्मण प्रत्याशी त्रिकोणीय संघर्ष में भाजपा सांसद को रोकने के लिए उतारा गया है। भाजपा ने यह सीट 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में पौने तीन लाख वोटों से जीती थी। तब बसपा प्रत्याशी निशा सचान नंबर दो पर थीं। 2014 के मुकाबले 2019 में भोले ने इस पर इजाफा किया था। इस सीट पर सामान्य मतदाताओं की संख्या साढ़े पांच लाख से ज्यादा है।
जबकि ओबीसी पौने सात लाख के करीब और दलित मतदाताओं की संख्या साढ़े चार लाख से ज्यादा हैं। मुसलमान की संख्या डेढ़ लाख बतायी जाती है। बसपा प्रत्याशी राजेश द्विवेदी ने बताया कि उन्हें प्रत्याशिता का पत्र यानी सिम्बल दिया जा चुका है। वह तैयारी में जुटे हैं।
