Chitrakoot: शिक्षक की हत्या से आक्रोशित परीक्षकों ने नहीं जांचीं कापियां...धरना देकर की नारेबाजी, एक दिन का मूल्यांकन कार्य बहिष्कार
चित्रकूट में शिक्षक की हत्या से आक्रोशित परीक्षकों ने कापियां जांचीं नहीं
चित्रकूट, अमृत विचार। मुजफ्फरनगर में नशे में धुत हेड कांस्टेबिल द्वारा शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के विरोध में जिले में भी शिक्षकों का आक्रोश उमड़ पड़ा। शिक्षकों ने सोमवार को चित्रकूट इंटर कालेज में चल रहे यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया।
सभी परीक्षक परिसर में धरना देकर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। ये लोग हत्यारे को सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे थे। एसडीएम और डीआईओएस ने मौके पर पहुंचकर शिक्षकों को समझाया।
रविवार की रात वाराणसी से बोर्ड परीक्षा की कापियां लेकर जा रहे राजकीय इंटर कालेज महगांव के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार पुत्र राजकुमार राम निवासी बैराठ रामगढ़ (चंदौली) की एसडी इंटर कालेज मुजफ्फरनगर के बाहर मुख्य आरक्षी चंद्रप्रकाश ने कार्बाइन से कई राउंड गोलियां चलाकर हत्या कर दी।
बताया जाता है कि रात में ट्रक को मूल्यांकन केंद्र के अंदर न जाने देने की वजह से सभी लोग वाहन में सो रहे थे। धर्मेंद्र के साथ एक अन्य अध्यापक संतोष कुमार और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जितेंद्र मौर्य और कृष्णप्रताप थे। सुरक्षा के लिए इनके साथ एसआई नागेंद्र चौहान और मुख्य आरक्षी चंद्रप्रकाश थे।
आरोप है कि नशे में धुत चंद्रप्रकाश शिक्षक धर्मेंद्र को सोने नहीं दे रहा था और बार बार सुरती (तंबाकू) की मांग कर रहा था। धर्मेंद्र ने जब इस पर नाराजगी जताई तो चंद्रप्रकाश ने अपनी कार्बाइन से कई राउंड गोलियां चला दीं। इससे शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य के घायल होने की बात भी कही जा रही है।
घटना की सूचना जब जिले में शिक्षकों को मिली तो उनमें आक्रोश फैल गया। चित्रकूट इंटर कालेज में बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन कार्य बहिष्कार करके शिक्षक कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। इनकी मांग थी कि हत्यारोपी को सख्त से सख्त सजा फांसी दी जाए।
मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए और परिवार को पांच करोड़ का मुआवजा दिया जाए। एसडीएम सौरभ यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने कालेज पहुंचकर शिक्षकों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। कहा कि शिक्षकों की मांगों की जानकारी शासन को भेज दी जाएगी। परीक्षकों का कहना था कि वे लोग अभी एक दिन का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं पर अगर उनके संगठन का निर्देश हुआ तो यह बढ़ भी सकता है।
