Bareilly News: आधी-अधूरी तैयारियों के साथ आज से बेसिक स्कूलों में परीक्षाएं

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। आधी-अधूरी तैयारियों के बीच बेसिक स्कूलों की वार्षिक परीक्षा बुधवार से शुरू होगी। मंगलवार को परीक्षा की तैयारी की गईं लेकिन कई स्कूलों में फर्नीचर नहीं होने की वजह से दरी बिछाई गईं। 

कुछ शिक्षकों ने केंद्रों पर प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे पर रोष जताया तो कुछ ने अपने पैसों से कॉपियों का इंतजाम किया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ विद्यालयों का समूह बनाकर उनके क्लस्टर प्रमुख केंद्र से बुधवार सुबह को ही प्रश्नपत्र पहुंचाया जाएगा।

जिले के 2482 बेसिक स्कूलों में तीन लाख से अधिक परीक्षार्थी वार्षिक परीक्षा देंगे। परीक्षार्थी पहले दिन हिंदी, सामाजिक विषय व गणित की परीक्षाएं देंगे। परीक्षा से पहले कुछ शिक्षकों ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद के लिए कंपोजिट ग्रांट के तहत राशि खर्च करने को कहा गया, जबकि कंपोजिट ग्रांट में परीक्षा को लेकर कोई मद ही नहीं है। 

वहीं कुछ शिक्षकों ने निजी खर्च पर ही उत्तर पुस्तिकाएं खरीदीं, जबकि कुछ केंद्रों पर बच्चे अपनी स्वयं की काॅपियों के पिछले पन्ने को फाड़कर परीक्षाएं देने के लिए मजबूर रहेंगे। इनमें कुछ विद्यालयों में सिलेबस पूरा कराए बिना ही परीक्षा होगी। इस संबंध में बीएसए संजय सिंह ने बताया कि परीक्षा बुधवार से शुरू होगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को बैठक कर निर्देशित किया है।

परीक्षा की शुरुआत से घंटे भर पहले पेपर लेने जाएंगे शिक्षक
विभागीय व्यवस्था के तहत परीक्षा शुरु होने से एक घंटे पहले शिक्षक निर्धारित क्लस्टर प्रमुख विद्यालय से प्रश्नपत्र प्राप्त करेंगे। इसका एकल शिक्षक विद्यालय वाले शिक्षकों ने अंदरखाने विरोध जताया है। 

उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में एक शिक्षक और प्रधानाध्यापक तैनात है, उन्हें परीक्षा के दौरान खासी समस्या आएगी। परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर प्राप्त करने और कक्षा 8 और कक्षा 5 की कापियों परीक्षा तिथि में ही 3:30 बजे तक संकलन केंद्र पर जमा करना अनिवार्य है। दोनों ही कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन अलग-अलग केंद्र पर होगा। शेष अन्य कक्षाओं की उत्तर पुस्तिका स्वकेंद्र पर जमा होंगी।

विद्यालयों में पर्याप्त बेंच और टेबल नहीं
शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुपात में बेंच और टेबल नहीं है। ऐसे में विद्यालयों कई विद्यार्थी फर्श पर बैठ कर परीक्षा देने को मजबूर होंगे। वहीं कई विद्यालयों में एक बेंच टेबल पर एक साथ चार से पांच बच्चे परीक्षा देने को मजबूर होंगे। शहरी क्षेत्र में ही कुछ विद्यालयों में दरी बिछाकर सिटिंग अरेंजमेंट किया गया है।

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