Holi 2024: जिले में इस बार 400 स्थानों पर किया जाएगा होलिका दहन...आसपास रहेगा पुलिस फोर्स तैनात, ये स्थान किए गए चिन्हित
महोबा में इस दफा 400 स्थानों पर किया जाएगा होलिका दहन
महोबा, अमृत विचार। होली पर्व पर जिले में 400 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया जाता है। होली पर्व को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है, होलिका दहन की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। युवा लकड़ी, झाड़ फन्नूस एकत्र कर रहे हैं। शहर में भी होलिका दहन को लेकर युवाओं द्वारा लकड़ी व अन्य सामग्री एकत्र करनी शुरू कर दी है।
जिले के गांव गांव में होलिका दहन किए जाने से ग्रामीण इन दिनों लकड़ी के मोटे मोटे डूढे, बांस, बल्ली, कांटेदार झांकर एकत्र करने में जुटे हुए हैं। युवाओं में खासी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। होलिका दहन के मौके पर जिले में जगह जगह और होलिका दहन स्थलों पर पुलिस की ड्यूटी रहेगी।
शहर के हवेली दरवाजा, बड़ी हाट, समदनगर, भटीपुरा, शेखूनगर, शुक्लानापुरा, भीतरकोट, सत्तीपुरा, बंधानवार्ड, माथुरनपुरा, राठ रोड सहित पचास से अधिक स्थानों पर होलिका दहन की जाती है, जिसके लिए होली समिति के लोगों द्वारा अभी से लकड़ी, बांस बल्ली व झाड़ फन्नूस की व्यवस्था की जा रही है।
युवाओं की टोली की टोली अलग अलग मार्गों पर जाकर होलिका दहन के लिए लकड़ी लेकर आ रहे हैं, जिससे होलिका दहन पर किसी भी तरह की असुविधा न हो सके। होली त्योहार को लेकर युवाओं के साथ साथ बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। चारो तरफ होली पर्व की तैयारियों में लोग जुटे हुए हैं।
रंगों का त्योहार होली पर्व आपसी भाईचारे के साथ एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर गले मिलकर मनाया जाता है। यही त्योहार बुराईयों को होलिका में दहन करने का है। त्योहार की तैयारियां शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी जोर शोर से चल रही है। होली त्योहार के मद्देनजर लोग घरों की साफ सफाई कराने में जुटे हुए हैं।
महिलाएं भी होली त्योहार मनाने के लिए कामकाज में जुट गई हैं। शहर के अलावा पनवाड़ी, भरवारा, श्रीनगर, बेलाताल, अजनर, सारंगपुरा, अलीपुरा, बरीपुरा, रिवई, सुगिरा, कालीपहाड़ी, गंज, उटियां, धरौन सहित 400 गांवों में होलिका दहन की तैयारियां तेज हो गई है। ग्रामीण अंचलों में भी ग्रामीण होलिका दहन के लिए लकड़ी एकत्र करने में जुटे हुए हैं।
होली पर्व को लेकर खोया 300 रुपये किलो पहुंचा
होली पर्व को लेकर हर घर में बनने वाली गुजिया के लिए लोग खोया का इंतजाम करने में जुट गए है, वहीं मिठाई दुकानदारों द्वारा त्योहार में मिठाई की खपत अधिक होने के कारण अभी से खोया की खरीद करने लगे हैं, जिसके चलते 200 रुपये किलो बिकने वाला खोया 300 रुपये किलो बिक रहा है। इसके बाद भी खोये के ग्राहक खोया तलाश करते घूम रहे है। खोया की अधिक बिक्री होने से खोया बेचने वालों ने मिलावटी खोये की बिक्री शुरू कर दी है, जिससे जिला खाद्य अधिकारी द्वारा खोया और मिठाई के सैंपल भरे जा रहे है।
होलिका दहन स्थलों पर की जा रही सजावट
होलिका दहन स्थलों पर युवाओं द्वारा अभी से सजावट करनी शुरू कर दी है। कई स्थानों पर पतंगी कागज की झंडियां लगाकर सजाया जा रहा है तो कहीं पर होलिका दहन स्थल पर बांस बल्ली गाड़कर रंगबिरंगी झंडियां लगाकर सजाया जा रहा है। युवा सुबह से सारे कामकाज छोड़कर होलिका दहन स्थलों पर सजावट करने में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों और चौराहो पर रंगों के ड्रम रखकर होली खेली जाती है। उन स्थानों पर भी झंड़िया लगाकर सजावट की जाती है।
