चारा घोटाला: चाइबासा केस में लालू यादव को जमानत, लेकिन जेल से रिहाई नहीं
रांची। बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चाइबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत मिलने के बाद भी फिलहाल जेल में ही रहना होगा। क्योंकि दुमका कोषागार मामला अभी लंबित है। झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार की अदालत ने राजद अध्यक्ष …
रांची। बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चाइबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में जमानत मिलने के बाद भी फिलहाल जेल में ही रहना होगा। क्योंकि दुमका कोषागार मामला अभी लंबित है।
झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार की अदालत ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की ओर से चाइबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में दायर की गई जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के बाद उन्हें जमानत दे दी। साथ ही अदालत ने लालू को निचली अदालत में दो लाख रुपये जमा कराने तथा रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को 06 नवंबर तक लालू यादव की मेडिकल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
लालू यादव की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत से प्रार्थना की चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू ने आधी सजा पूरी कर ली है। इस आधार पर उन्हें जमानत दी जाए। अदालत ने सुनवाई के बाद इस मामले में लालू यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। लेकिन, दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में सुनवाई पूरी नहीं होने तक वह जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
गौरतलब है कि अविभाजित बिहार के चाईबासा कोषागार से वर्ष 1992-93 में फर्जी कागजात के आधार पर 33 करोड़ 13 लाख 67 हजार 534 रुपये की अवैध निकासी की गई थी। इस मामले सीबीआई की विशेष अदालत ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को जनवरी 2018 में पांच साल कारावास के साथ ही पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
