लखनऊ: दवा खाने के बाद भी नहीं कंट्रोल हो रहा शुगर तो हो सकते हैं इस बीमारी के शिकार, जा सकती है जान!
लखनऊ, अमृत विचार। शुगर यानी कि डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी है। डायबिटीज होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से खर्राटे की बीमारी यानी कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया भी एक कारण होता है। यह नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट होने पर होती है। जब नींद पूरी नहीं होगी तो शरीर को कई बीमारियां घेर सकती है। इस दौरान यदि किसी को डायबिटीज अथवा बीपी की शिकायत है, तो उसे दवा भी असर नहीं करती। जिसके कारण दवा खाने के बाद भी डायबिटीज वा बीपी कंट्रोल नहीं होता।
यह जानकारी किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोस्थोडॉन्टिक्स, क्राउन और ब्रिजेस के एचओडी डॉक्टर पूरन चंद ने दी है। वह शताब्दी फेज टू स्थित सभागार में आयोजित दो दिवसीय "स्लीप समिट-2024 को सम्बोधित कर रहे थे।
डॉक्टर पूरन चंद ने बताया कि खर्राटे की बीमारी एक समस्या है, लेकिन यह खतरनाक है। इससे जान भी जा सकती है। इस बीमारी से बिना दवा के छुटकारा पाया जा सकता है, लेकिन उसके लिए दैनिक दिनचर्या में बदलाव करना होगा और डॉक्टर की सलाह लेनी पड़ेगी। इसका इलाज दंत चिकित्सा विभाग में भी होता है।
500 से लेकर 5000 तक आता है खर्च
डाक्टर पूरन चंद ने बताया कि उन्होंने इस बीमारी पर शोध किया है अब दांत के डॉक्टर भी इसका इलाज करते हैं और बहुत ही कम कीमत में मरीज का इलाज होता है। 500 से लेकर 5000 तक इस बीमारी के इलाज में खर्च हो सकता है। इस बीमारी की वजह से अन्य गंभीर बीमारियां भी होती हैं। मोटापा बढ़ता है। डायबिटीज हो सकती है। इतना ही नहीं इससे ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक भी हो सकता है।
रोड एक्सीडेंट का दूसरा बड़ा कारण
वह बताते हैं कि खर्राटे की बीमारी के कारण आदमी पूरी नींद नहीं ले पता, इस वजह से कई बार गाड़ी चलाते समय लोगों को नींद आ जाती है और वह दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। इस तरह के कई मामले देखे गए हैं। एक स्टडी के मुताबिक जितनी भी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। उसमें एक बड़ा कारण नींद का आ जाना है। ऐसे में कहा जा सकता है कि खर्राटे की बीमारी को हल्के में ना लें और समय रहते इसका इलाज करा ले।जिससे खुद के साथ औरों की भी जिंदगी सुरक्षित हो सके।
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